बिहार में लड़कियों से बदसलूकी के तीन मामले: जमुई के बाद समस्तीपुर और मधेपुरा में भी वीडियो वायरल, पुलिस कार्रवाई तेज
बिहार, 24 सितंबर 2026: बिहार के अलग-अलग जिलों में लड़कियों और छात्राओं से कथित बदसलूकी के तीन मामले सामने आने के बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में जमुई, समस्तीपुर और मधेपुरा में सामने आई घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। तीनों मामलों में पुलिस ने संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू की है।
इन घटनाओं में एक समान बात यह है कि कथित बदसलूकी के वीडियो बनाए गए और बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ-साथ वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।
पहला मामला: जमुई में छात्रा से बदसलूकी
जमुई जिले में 19 सितंबर की शाम एक छात्रा और उसके साथ मौजूद एक युवक के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद 21 सितंबर को पुलिस को इसकी जानकारी मिली।
इसके बाद पुलिस ने वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। पीड़िता के पिता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई और वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान कर उनकी भूमिका की जांच शुरू हुई।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में नंदन यादव और हरे राम यादव समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
जमुई में घटनास्थल की सुरक्षा भी जांची गई
जांच के दौरान पुलिस अधीक्षक खुद घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल के आसपास नियमित गश्ती और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की समीक्षा की गई है।
पुलिस का कहना है कि संबंधित क्षेत्र में गश्ती को अधिक प्रभावी बनाने और आवश्यकता के अनुसार लाइटिंग की व्यवस्था कराने पर भी काम किया जा रहा है। यानी कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखने की बात कही गई है।
दूसरा मामला: समस्तीपुर में सड़क पर लड़की से बदसलूकी
जमुई के बाद समस्तीपुर जिले में भी एक लड़की के साथ कथित छेड़खानी और बदसलूकी का वीडियो वायरल हुआ। मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर बांध के पास का बताया जा रहा है।
वायरल वीडियो में एक लड़की सड़क पर दिखाई दे रही है। कुछ युवक उसके आसपास मौजूद हैं। वीडियो में एक युवक लड़की का हाथ पकड़ता नजर आता है। लड़की खुद को छुड़ाने की कोशिश करती है और उसे छोड़ने के लिए कहती है।
वीडियो में लड़की यह कहते हुए भी सुनाई देती है कि वह अपने भाई को बुलाएगी। इस पर युवक उसे भाई को बुलाने की बात कहते हैं। वीडियो में विरोध के दौरान मारपीट की कोशिश का दृश्य भी दिखाई देता है।
सूचना मिलने के छह घंटे के अंदर चार गिरफ्तार
समस्तीपुर एसपी अरविंद प्रताप के अनुसार, सोशल मीडिया पेट्रोलिंग के दौरान वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया। जांच में घटनास्थल की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर बांध के पास के रूप में हुई।
पुलिस ने सूचना मिलने के करीब छह घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास कुमार शर्मा, राहुल कुमार, रामबाबू सहनी और अवधेश पासवान के रूप में की गई है।
पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी के मोबाइल फोन से घटना से संबंधित वीडियो भी बरामद हुआ है। मोबाइल को जब्त कर जांच में शामिल किया गया है। पूछताछ में घटना करीब 15 सितंबर की होने की जानकारी सामने आई है।
तीसरा मामला: मधेपुरा में स्कूल के बाहर हंगामा
समस्तीपुर के बाद मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज इलाके में भी छात्रा से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। बताया गया कि एक अपग्रेड हाई स्कूल के बाहर परीक्षा देने आई छात्रा से मिलने पहुंचे एक युवक को स्थानीय छात्रों और ग्रामीणों ने घेर लिया।
इसके बाद मौके पर बहस, धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
इस घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता देखी जा रही है। मामले में वायरल वीडियो के आधार पर घटना की वास्तविक परिस्थितियों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
तीनों मामलों में वीडियो बना अहम साक्ष्य
जमुई, समस्तीपुर और मधेपुरा की घटनाओं में वीडियो सामने आने के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ी। पुलिस के लिए वीडियो आरोपियों की पहचान और घटना की परिस्थितियों की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य बन रहे हैं।
हालांकि, वीडियो के आधार पर सामने आने वाली हर जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि किया जाना जरूरी है। पुलिस संबंधित मामलों में पूछताछ, तकनीकी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
लगातार सामने आए इन मामलों के बाद महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। परिवारों में विशेषकर किशोरियों के घर से बाहर निकलने को लेकर चिंता बढ़ने की बात सामने आ रही है।
वहीं, पुलिस की ओर से इन मामलों में त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी गई है। अब जांच का मुख्य फोकस घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका, वीडियो के प्रसार और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर है।