जमुई नाबालिग छात्रा प्रकरण में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 15-20 दिनों में जांच से ट्रायल तक की प्रक्रिया पूरी कराने का लक्ष्य, 225 साइटें साइबर सेल के रडार पर
जमुई। जिले के चर्चित नाबालिग छात्रा से जुड़े मामले में जिला प्रशासन और पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच, आरोप-पत्र दाखिल करने और न्यायालयीन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी की है। प्रशासन का लक्ष्य अगले 15 से 20 दिनों के भीतर आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर मामले को स्पीडी ट्रायल के लिए आगे बढ़ाना है।
इस पूरी प्रक्रिया में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है। जिलाधिकारी ने मामले की निगरानी के लिए उप विकास आयुक्त (डीडीसी) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) दीप्ति मोनाली को संयुक्त रूप से नोडल पदाधिकारी की जिम्मेदारी दी है।
केस डायरी से लेकर फॉरेंसिक रिपोर्ट तक होगी निगरानी
नोडल अधिकारी मामले की जांच से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की नियमित समीक्षा करेंगे। इसमें केस डायरी, मेडिकल साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, आरोप-पत्र और न्यायालय में होने वाली कार्यवाही शामिल है। उद्देश्य यह है कि जांच अथवा कानूनी प्रक्रिया के किसी भी चरण में अनावश्यक देरी न हो।
प्रशासन की ओर से मामले को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की तैयारी की गई है, ताकि उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर न्यायालय में मामला तेजी से पहुंच सके।
वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी साइबर सेल की नजर
नाबालिग छात्रा से जुड़ी घटना के वीडियो और अन्य संवेदनशील सामग्री को इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित किए जाने को लेकर भी पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस साइबर सेल ने सोशल मीडिया और इंटरनेट पर ऐसी सामग्री से जुड़े करीब 225 साइट, यूआरएल, पेज और प्रोफाइल चिह्नित किए हैं।
पुलिस के मुताबिक इंटरनेट मीडिया पर लगातार निगरानी की जा रही है। आपत्तिजनक वीडियो, तस्वीर या नाबालिग की पहचान उजागर करने वाली सामग्री को प्रसारित करने वाले अकाउंट, ग्रुप एडमिन और पेज संचालकों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले से संबंधित किसी भी संवेदनशील वीडियो या तस्वीर को आगे शेयर न करें। ऐसी सामग्री को शेयर करना जांच और पीड़िता की निजता दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
मड़वा पहाड़ समेत पर्यटन स्थलों पर बढ़ेगी सुरक्षा
घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिले के मड़वा पहाड़ समेत अन्य दर्शनीय, प्राकृतिक और पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की है। संवेदनशील स्थानों पर नियमित पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का उद्देश्य ऐसे स्थानों पर आने वाले छात्र-छात्राओं, परिवारों और आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। पुलिस को संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मीडिया और आम लोगों से संयम बरतने की अपील
जिलाधिकारी ने मीडिया संस्थानों और आम नागरिकों से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संयम बरतने की अपील की है। प्रशासन ने कहा है कि ऐसी कोई भी भ्रामक, आपत्तिजनक या संवेदनशील सामग्री प्रकाशित या प्रसारित नहीं की जाए, जिससे नाबालिग की पहचान उजागर हो या न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने की स्थिति बने।
प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले में कार्रवाई को तेज करने के साथ-साथ इंटरनेट मीडिया पर फैल रही सामग्री पर भी नजर रखी जा रही है। अब जांच, साक्ष्य संकलन और कानूनी प्रक्रिया की प्रगति पर प्रशासनिक स्तर से लगातार निगरानी की जाएगी।
Kosi Live की रिपोर्ट | जमुई