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Tuesday, September 1, 2026

अंकित बालियान हत्याकांड की जांच पहुंची पूर्णिया, यूपी STF ने धमदाहा में की पूछताछ

अंकित बालियान हत्याकांड की जांच पहुंची पूर्णिया, यूपी STF ने धमदाहा में की पूछताछ

गोगी गैंग के सोशल मीडिया अकाउंट से हत्या की जिम्मेदारी लेने में पूर्णिया के सिम के इस्तेमाल का दावा

पूर्णिया। उत्तर प्रदेश के शामली में 26 अगस्त को हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या के मामले की जांच अब पूर्णिया तक पहुंच गई है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश एसटीएफ की टीम मामले की जांच के सिलसिले में पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना पहुंची। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद जिस सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए वारदात की जिम्मेदारी ली गई थी, उसकी गतिविधियों में इस्तेमाल मोबाइल सिम का संबंध पूर्णिया के धमदाहा थाना क्षेत्र से सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक, यूपी एसटीएफ की टीम ने धमदाहा थाना क्षेत्र में कई घंटे तक कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि जिस मोबाइल सिम का इस्तेमाल सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करने में किया गया, उसका हत्या की वारदात में शामिल आरोपितों से क्या कनेक्शन है।

जिम से निकलते ही मारी गई थी गोली

बताया गया है कि 26 अगस्त को शामली जिले के नला पटरी क्षेत्र में अंकित बालियान जिम से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से उनकी मौत हो गई।

हत्या के बाद सोशल मीडिया पर कथित तौर पर 'गोगी गैंग' से जुड़े एक अकाउंट से वारदात की जिम्मेदारी ली गई थी। इसके बाद पुलिस और यूपी एसटीएफ ने मामले की जांच तेज कर दी।

दो मुख्य शूटर एनकाउंटर में मारे गए

जांच के दौरान यूपी पुलिस और एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए 31 अगस्त 2026 को मुठभेड़ में दो कथित मुख्य शूटरों को मार गिराने का दावा किया। उनकी पहचान सुमित और मोहित के रूप में बताई गई है।

इसके बाद जांच का दायरा बढ़ने पर सोशल मीडिया अकाउंट और उसमें इस्तेमाल मोबाइल नंबर/सिम की तकनीकी जांच की गई। इसी क्रम में सिम का कनेक्शन पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र से सामने आने की बात कही जा रही है।

सिम के इस्तेमाल की गुत्थी सुलझा रही STF

अब यूपी एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि धमदाहा क्षेत्र से जारी सिम किस व्यक्ति के नाम पर था, उसका इस्तेमाल किसने किया और हत्या के बाद सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले अकाउंट तक वह कैसे पहुंचा। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि सिम धारक का हत्या के आरोपितों या गैंग से कोई प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संबंध था या नहीं।

हालांकि, इस पूरे मामले में पूर्णिया पुलिस की ओर से अभी किसी आधिकारिक संलिप्तता की पुष्टि नहीं की गई है। पूर्णिया एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने मामले की जानकारी होने से इनकार किया है। ऐसे में यूपी एसटीएफ की जांच पूरी होने के बाद ही पूर्णिया से जुड़े कनेक्शन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।