ग्वालपाड़ा में हथियार के बल पर लूट का 2 घंटे में खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार
लूटी गई बाइक और मोबाइल बरामद, पीड़ित ने मौके पर की आरोपियों की पहचान
मधेपुरा। जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड अंतर्गत अरार थाना क्षेत्र में सोमवार शाम चतरा पुल के पास हथियार के बल पर हुई लूट की घटना का पुलिस ने महज दो घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूटी गई मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरार थाना क्षेत्र के जयराम परसी वार्ड नंबर-01 निवासी लक्ष्मण कुमार उर्फ छोटू, पिता अरुण यादव, और अमरकांत कुमार, पिता चंदन यादव के रूप में हुई है।
चतरा पुल के पास ओवरटेक कर रोका
जानकारी के अनुसार, टेमाभेला निवासी शाश्वत सुंदर सोमवार शाम मुरलीगंज से मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान चतरा पुल के पास पीछे से दो मोटरसाइकिल पर सवार युवकों ने उन्हें ओवरटेक कर रोक लिया।
आरोप है कि बदमाशों ने हथियार का भय दिखाकर शाश्वत सुंदर से उनकी मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और रुपये लूट लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस ने शुरू की छापेमारी
घटना की सूचना मिलते ही अरार थाना पुलिस सक्रिय हो गई। थानाध्यक्ष धीरज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आसपास के इलाकों में छापेमारी के साथ वाहन जांच अभियान शुरू किया।
इसी दौरान पुलिस रेसना से कमलपुर जाने वाली सड़क पर वाहन जांच कर रही थी। पुलिस को देखकर दो मोटरसाइकिल सवार युवक भागने का प्रयास करने लगे। संदेह होने पर पुलिस टीम ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया।
बरामद बाइक और मोबाइल की पीड़ित ने की पहचान
पुलिस ने दोनों युवकों से पूछताछ की और उनके पास से बरामद मोटरसाइकिल व मोबाइल के संबंध में जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित शाश्वत सुंदर को मौके पर बुलाया।
पीड़ित ने बरामद मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन की पहचान अपनी संपत्ति के रूप में की। उन्होंने दोनों गिरफ्तार युवकों की भी पहचान कर दी। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने लूट की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अरार थाना में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
कार्रवाई में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
कार्रवाई में थानाध्यक्ष धीरज कुमार, पुलिस उपनिरीक्षक पप्पू कुमार सिंह, सहायक उपनिरीक्षक दिनेश कुमार उरांव सहित सशस्त्र बल के जवान और चौकीदार शामिल रहे।