फेसबुक पोस्ट, बुलेट और रुपयों के सवालों में उलझी भाजयुमो नेता अभिजीत सिंह राजपूत की मर्डर मिस्ट्री, करीबी दोस्त आर्यन पटना से हिरासत में
सहरसा। सदर थाना क्षेत्र के गौतम नगर बंफर चौक के समीप भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला महामंत्री अभिजीत सिंह राजपूत की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने अभिजीत के करीबी दोस्त आर्यन को पटना से हिरासत में लिया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के संकलन और पूछताछ के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
सिर में गोली मारकर की गई थी हत्या
पुलिस के अनुसार, अपराधियों ने बुधवार देर रात अभिजीत के घर में घुसकर उनके सिर में गोली मार दी थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। हत्या के बाद करीब पांच लाख रुपये नकद, अभिजीत की बुलेट बाइक और मोबाइल फोन के गायब होने की बात भी सामने आई थी। पुलिस अब इन्हीं बिंदुओं को जोड़कर हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।
15-20 दिनों से अभिजीत जता रहे थे जान का खतरा
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। परिचितों के मुताबिक, अभिजीत पिछले करीब 15 से 20 दिनों से अपने दोस्तों और परिचितों से लगातार कह रहे थे कि उनकी हत्या के लिए सुपारी दी जा चुकी है। वह कई लोगों के सामने अपनी जान को खतरा होने की बात कह चुके थे।
अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अभिजीत को पहले से किसी साजिश की जानकारी थी या किसी विवाद के चलते उन्हें धमकी मिल रही थी।
हत्या के बाद बुलेट लेकर घूमता दिखा करीबी दोस्त
मामले में आर्यन की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच इसलिए भी तेज हुई है, क्योंकि परिचितों के अनुसार हत्या के अगले दिन यानी गुरुवार शाम आर्यन को अभिजीत की बुलेट बाइक से शहर में घूमते देखा गया था।
बताया जा रहा है कि उस दौरान आर्यन अपने दोस्तों से कह रहा था कि वह बुलेट कहीं खड़ी करने जा रहा है और बाद में अभिजीत खुद आकर बाइक ले जाएंगे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के बाद बुलेट आर्यन के पास कैसे पहुंची और उसने उसे कहां-कहां इस्तेमाल किया।
फेसबुक पोस्ट के बाद बढ़ा संदेह
शुक्रवार सुबह आर्यन ने कुछ साथियों को फोन कर खुद के दरभंगा में होने की जानकारी दी थी। इसके कुछ समय बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। इसी दौरान उसके फेसबुक प्रोफाइल से अभिजीत की तस्वीर के साथ 'मिस यू भैया' लिखा पोस्ट साझा किया गया।
हत्या के बाद मृतक की बुलेट से घूमना, अपनी लोकेशन बदलना, मोबाइल बंद करना और फिर सोशल मीडिया पर अभिजीत की तस्वीर के साथ भावुक पोस्ट करना पुलिस की जांच का अहम हिस्सा बन गया है।
रुपयों की लूट या निजी रंजिश?
पुलिस अब हत्या के पीछे कई संभावित कारणों की जांच कर रही है। एक एंगल यह है कि अभिजीत ने वाहन खरीदने के लिए बड़ी रकम जुटा रखी थी और अपराधियों की नजर उन रुपयों पर थी। वहीं पुलिस निजी रंजिश, पुराने विवाद और किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की संभावना को भी खंगाल रही है।
जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में केवल एक व्यक्ति शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र और मास्टरमाइंड है।
एफएसएल टीम ने भी की जांच की कोशिश
घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस ने अभिजीत के आवास को सील कर दिया था। शनिवार को सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान और विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की टीम दोबारा जांच के लिए मौके पर पहुंची।
हालांकि, अभिजीत के पैतृक गांव गढ़ बरूआड़ी में दाह संस्कार कार्यक्रम होने के कारण परिजन और परिचित घर से बाहर थे। मुख्य दरवाजे पर ताला लगा था और चाबी भी उपलब्ध नहीं होने के कारण एफएसएल टीम घर के अंदर प्रवेश नहीं कर सकी। इस वजह से वैज्ञानिक जांच पूरी नहीं हो सकी।
48 घंटे में खुलासे का दावा
सदर एसडीपीओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस हत्याकांड के हर संभावित और तकनीकी पहलू की गहराई से जांच कर रही है। विशेष टीम लगातार छापेमारी और वैज्ञानिक अनुसंधान में जुटी है। उन्होंने कहा कि पुलिस अगले 48 घंटे के भीतर किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने और पूरे मामले का पर्दाफाश करने की दिशा में काम कर रही है।
फिलहाल पुलिस आर्यन से पूछताछ, मोबाइल और तकनीकी साक्ष्यों की जांच तथा घटनास्थल से मिले सबूतों के आधार पर हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अभिजीत की हत्या के पीछे रुपयों की लूट थी, निजी रंजिश थी या इसके पीछे कोई अन्य साजिश।
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