गौरतलब है कि 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे मड़वा पहाड़ के समीप सात-आठ मनचलों ने स्कूटी से जा रहे एक नाबालिग छात्र और छात्रा को जबरन रोक लिया था। आरोपितों ने छात्रा के साथ घिनौना दुर्व्यवहार (बैड टच) किया और विरोध करने पर छात्र-छात्रा दोनों को बेरहमी से पीटा था।
21 सितंबर को जब इस बर्बरता का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ, तो पूरे बिहार समेत देश भर में जनआक्रोश भड़क गया। वायरल वीडियो में मुख्य आरोपित नंदन यादव छात्रा को जबरन गोद में उठाकर अगवा करने की कोशिश करता साफ नजर आ रहा था।
सोशल मीडिया भौकाल से एनकाउंटर तक
मुख्य आरोपित: नंदन यादव (निवासी: ग्राम प्रतापपुर, जमुई)।
आपराधिक प्रोफाइल: पेशे से ट्रैक्टर चालक, इलाके में दबंगई व राहगीरों से अभद्रता की आदत, स्थानीय बालू सिंडिकेट से सांठगांठ।
सोशल मीडिया रील: इंस्टाग्राम पर छह दिन पूर्व पोस्ट की गई रील में पुलिस को खुली चुनौती-'गोली ठोक के दिखा, फोरलेन पर गाड़ी रोक के दिखा'।
एनकाउंटर व गिरफ्तारी: कुंदर बराज के पास पुलिस पर हमले के दौरान जवाबी गोलीबारी में नंदन के पैर में गोली लगी; साथी हरेराम यादव का पैर टूटा। अब तक कुल 5 गिरफ्तार (तीन नाबालिग और रामाशीष), नंदन और हरेराम अस्पताल में भर्ती।कुंदर बराज पर पुलिस से मुठभेड़
वीडियो वायरल करने के आरोप में पुलिस ने मड़वा निवासी रामाशीष चौधरी समेत तीन नाबालिगों को पहले ही निरुद्ध कर लिया था। इस बीच मंगलवार को पुलिस की विशेष टीम को गुप्त सूचना मिली कि कांड का मुख्य खलनायक नंदन यादव कुंदर बराज के समीप छिपा हुआ है।
पुलिस टीम ने जब इलाके में घेराबंदी की, तो खुद को घिरता देख नंदन ने पुलिसकर्मियों पर हमला कर भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ चलाई गई गोली सीधे नंदन के पैर में लगी। वहीं उसका साथी हरेराम यादव भागने के दौरान गड्ढे में गिरकर पैर टूटने से घायल हो गया। दोनों को पुलिस अभिरक्षा में जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बालू सिंडिकेट से जुड़ाव और मड़वा पहाड़ पर राहगीरों को सताने की आदत
जांच में सामने आया है कि प्रतापपुर गांव का रहने वाला नंदन यादव पेशे से ट्रैक्टर चालक है और इलाके में अपनी दबंगई के लिए कुख्यात रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह अवैध बालू ढुलाई और सिंडिकेट से भी जुड़ा रहा है। मड़वा पहाड़ का प्राकृतिक इलाका जहां लोग शाम को घूमने, तस्वीरें खिंचवाने और रील बनाने आते हैं, वहां नंदन और उसके साथी अक्सर मंडराते रहते थे। राहगीरों से मारपीट करना, छिनतई करना और युवतियों पर फब्तियां कसना उसकी आदत में शुमार था।इंस्टाग्राम पर रील बनाकर देता था चुनौती
सोशल मीडिया पर नंदन यादव बेहद सक्रिय था। घटना से ठीक छह दिन पहले उसने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक रील पोस्ट की थी। इस रील के बैकग्राउंड में बज रहे गाने में पुलिस और कानून को ललकारते हुए बोल थे-'गोली ठोक के दिखा, फोरलेन पर गाड़ी है कोई रोक के दिखा।' अब एनकाउंटर में उसके पैर में गोली लगने और अस्पताल में बेबस पड़े होने की तस्वीरें सामने आने के बाद इंटरनेट यूजर्स उसी रील पर जमकर कमेंट कर रहे हैं। लोग लिख रहे हैं-'देख लिया भौकाल का नतीजा, पुलिस ने सच में ठोक दिया।'