बिहार के जमुई में कुछ 'राक्षस' बीच सड़क सरेशाम लड़की को नोच रहे थे। दुनिया ने वीडियो के जरिए वारदात को देखा। शर्म से लोगों के सिर झुक गए। आखिर 15-16 साल के लड़का-लड़की स्कूटी से सड़क पर जा ही तो रहे थे।फिर बीच सड़क मनचलों ने उन्हें क्यों रोका? स्कूटी से क्यों खींचने लगे? इस शर्मनाक घटना को लेकर राज्य की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) अपने ही नेताओं के बयानों के कारण घिर गई है। जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं और मंत्रियों ने इस गंभीर वारदात को 'छिटपुट घटना' करार दिया। इनमें से एक बिहार के ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार हैं तो दूसरे बिहार जेडीयू अध्यक्ष उमेश कुशवाहा।
'छिटपुट' की फांस में JDU के सीनियर नेता
बिहार के ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने जमुई में लड़की-लड़का बदसलूकी मामले पर कहा, बिहार में छिटपुट घटनाएं हो रही हैं, इनकार नहीं किया जा सकता। जो भी घटना हो रही है हमारे लिए दुखद है। छिटपुट घटना होती रहती है और छिटपुट घटना पर सरकार की नजर है। इस तरह के कृत्य करने वाले बिहार में बचने वाले नहीं है।' वहीं, बिहार जेडीयू के अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने जमुई की घटना पर कहा, 'छिटपुट घटना घटती है तो हम लोग उस पर संवेदनशील है।' अब इस 'छिटपुट' की फांस में JDU के सीनियर नेताओं के फंसने पर पार्टी को सफाई देनी पड़ रही है। जबकि, पूरी घटना पर बीजेपी और एनडीए के दूसरे पार्टनर संभल कर मुंह खोल रहे हैं।
'छिटपुट' का 'भावार्थ' समझाने आए राजीव रंजन
बिहार सत्ताधारी जेडीयू के सीनियर नेता श्रवण कुमार और उमेश कुशवाहा ने मामले की गंभीरता को हल्के में लिया। पार्टी थू-थू होने लगी तो इस मामले पर सफाई देने के लिए जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन को मैदान में उतारा गया। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले एक बात समझने की जरूरत है। श्रवण कुमार ने और उमेश सिंह कुशवाहा ने जो कहा, उसका भावार्थ समझें। बिहार में कोई गुनाह करे और गुनहगार बच जाए, ये बिल्कुल ही संभव नहीं है। जमुई की पुलिस ने बहुत ही अच्छा काम किया। उन्हें वायरल वीडियो की जब जानकारी मिली, उन्होंने प्रो-एक्टिव होकर, पीड़िता के परिजनों को स्वयं खबर करके, उनसे कंप्लेन मांगा, प्राथमिकी दर्ज करने के संबंध में उन्हें कहा और प्राथमिकी दर्ज होते ही, वायरल वीडियो के आधार पर ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां हुईं। अगर एक-दो लोग बचे हैं, उनकी गिरफ्तारी भी पुलिस ने कहा है कि जल्दी होगी।'रात गुजरी और फिर श्रवण का दिल पसीजा
रात गुजरने के बाद मन को हल्का करने के लिए श्रवण कुमार ने फिर से जमुई मामले पर बयान देने के लिए पत्रकारों को बुलावा भेजा। इस बार थोड़ा गंभीरता दिखाए। बिहार के ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने जमुई घटना पर कहा, 'बहुत दुखद घटना है। शर्मसार कर देने वाली घटना है और इसकी जितनी निंदा की जाए, वो कम है। जो लोग इस घटना में शामिल थे, उनकी कल गिरफ्तारी हुई है और जो भी दोषी बचे हैं, उनके खिलाफ भी पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। इस तरह के कृत्य करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। सरकार कानून के हिसाब से कार्रवाई करती है। आगे इस तरह की घटना ना हो, उसके लिए सरकार काम कर रही है।
जमुई मामले पर उमेश को आया 'ज्ञान'
बिहार जेडीयू अध्यक्ष उमेश कुशवाहा को 'ज्ञान' प्राप्त हुआ। 'छिटपुट' वाले बयान के बाद पत्रकारों का सामना तो नहीं कर पाए, बल्कि सोशल मीडिया फेसबुक पर लिखा, 'जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ जिस तरह की शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है, वो बेहद दुखद, निंदनीय और मर्माहत करने वाली है। मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। अपराधी कान खोलकर सुन लें, बिहार में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। पीड़ित परिवार को समयबद्ध न्याय दिलाने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। अपराधियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई होगी, जो आगे चलकर नजीर बनेगी। एनडीए सरकार पूरी मजबूती के साथ पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।'
उन्होंने कहा, 'हमारे बयान को कुछ लोगों द्वारा तोड़ मरोड़कर एवं संदर्भ से काटकर गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। मेरा आग्रह है कि बयान के किसी एक हिस्से के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय पूरा बयान सुना जाए। मैंने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस घटना में शामिल अपराधी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और एनडीए सरकार इस मामले में पूरी गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर रही है।'
दिल्ली तक पहुंचा नेताओं का 'छिटपुट कांड'
वैसे, जमुई में हुए घिनौनी घटना के बाद 'छिटपुट कांड' की गूंज हस्तिनापुर तक पहुंची। कांग्रेस नेता उदित राज ने बिहार के मंत्री श्रवण कुमार के जमुई की घटना को लेकर दिए गए बयान पर कहा, 'श्रवण कुमार जी की बेटी या भतीजी या परिवार के साथ में ऐसा हुआ होता, तब उन्हें दर्द महसूस होता। चूंकि गैर का है और दूसरी बात है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार के जो मंत्री हैं, इनका चरित्र यही है। इनसे बहुत ज्यादा सभ्यता की कोई उम्मीद नहीं है, चरित्र की कोई उम्मीद नहीं है, दूसरे की बहन-बेटी की इज्जत समझते ही नहीं।'
वहीं, भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने मंत्री श्रवण कुमार के जमुई की घटना को लेकर दिए गए बयान पर कहा, 'ये उनका अपना निजी बयान है, परंतु 2005 से पहले जंगल राज था, वहां पर बहुत दिक्कतें थीं, परंतु आज के हालात की चिंता करना अभी हमारी सरकार की जिम्मेदारी है और इसकी जिम्मेदारी हम निभाएंगे।'