मोतिहारी में अवैध वसूली करने पहुंचे दो पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों ने नकली समझकर पीटा, SP ने किया निलंबित
मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि नगर थाना के बाइक सेल में तैनात दो पुलिसकर्मी सादे लिबास में दूसरे थाना क्षेत्र में कथित तौर पर अवैध वसूली करने पहुंचे थे। ग्रामीणों ने दोनों को नकली पुलिसकर्मी समझकर घेर लिया और उनके साथ मारपीट कर दी।
घटना शुक्रवार रात रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के मजुराहा गांव की बताई जा रही है। दोनों पुलिसकर्मियों की पहचान 2014 बैच के सिपाही राजीव कुमार और 2025 बैच के सिपाही आशीष कुमार के रूप में हुई है।
सादे लिबास में गांव पहुंचे थे दोनों जवान
जानकारी के अनुसार, दोनों पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में मजुराहा गांव पहुंचे थे। उनकी गतिविधियों को देखकर ग्रामीणों को संदेह हुआ। ग्रामीणों के बीच पुलिस के नाम पर पैसे मांगने की बात सामने आने के बाद लोगों का आक्रोश बढ़ गया।
देखते ही देखते ग्रामीणों ने दोनों जवानों को घेर लिया। मामला बढ़ने पर भीड़ ने दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। कुछ ही देर में मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए।
डायल-112 की टीम ने भीड़ से निकाला
घटना की सूचना मिलने के बाद डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने काफी मशक्कत के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों की भीड़ से बाहर निकाला।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दोनों पुलिसकर्मी पुलिस के नाम पर कथित रूप से वसूली करने पहुंचे थे। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की।
जांच में सामने आया अवैध वसूली का मामला
मामले की जांच के बाद पुलिस कप्तान ने दोनों जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के अनुसार, अवैध वसूली की सूचना मिली थी और मामले की जांच कराई गई।
जांच में तथ्य सामने आने के बाद दोनों के खिलाफ रघुनाथपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
दोनों जवान तत्काल प्रभाव से निलंबित
पुलिस कप्तान ने राजीव कुमार और आशीष कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन के साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई प्राथमिकी और जांच के आधार पर की जा रही है।
ग्रामीणों ने नकली समझकर किया था हमला
घटना की खास बात यह रही कि दोनों वास्तविक पुलिसकर्मी थे, लेकिन सादे लिबास में होने और कथित वसूली के आरोप के कारण ग्रामीणों ने उन्हें नकली पुलिसकर्मी समझ लिया। इसी गलतफहमी और आक्रोश के बीच भीड़ ने दोनों के साथ मारपीट कर दी।
फिलहाल दोनों जवान पुलिस हिरासत में हैं और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।