### सुपौल में कोसी उफान पर: 3.16 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से 60 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में
सुपौल | कोशी लाइव
नेपाल में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर कोसी नदी का रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार सुबह वीरपुर स्थित कोसी बराज से 3,16,795 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सुपौल जिले के कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया। हालात ऐसे हैं कि जिले के 60 से अधिक गांव प्रभावित हो चुके हैं और कई जगह लोगों के घरों तथा आंगनों तक पानी पहुंच गया है।
### रातभर में तेजी से बढ़ा डिस्चार्ज
शुक्रवार रात 10 बजे तक कोसी बराज से 2,87,890 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन शनिवार सुबह 7 बजे यह बढ़कर 3,16,795 क्यूसेक पहुंच गया। इसमें 3,13,595 क्यूसेक डाउनस्ट्रीम और 3,200 क्यूसेक डब्ल्यूकेएमसी के माध्यम से छोड़ा गया पानी शामिल है। बराह क्षेत्र में सुबह 7 बजे 2,23,700 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया, जिसे फिलहाल स्थिर बताया गया है।
### सबसे ज्यादा असर इन प्रखंडों में
बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर किशनपुर, सरायगढ़-भपटियाही, मरौना, निर्मली और सुपौल सदर प्रखंड में देखने को मिल रहा है।
किशनपुर प्रखंड के किशनपुर उत्तर, दुबियाही, मौजहा और बौराहा पंचायत के करीब डेढ़ दर्जन गांवों में पानी घुस गया है। वहीं सरायगढ़-भपटियाही के लौकहा, ढोली और बनैनिया पंचायत के कई गांवों में लोग नाव के सहारे सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।
मरौना प्रखंड के सिसौनी, घोघरड़िया और बड़हरा पंचायत के करीब 13 गांवों में भी बाढ़ का पानी फैल गया है। इसके अलावा सुपौल सदर के घूरन, बलवा, पिपराखुर्द, बसबिट्टी, गोपालपुर सिरे और तेलवा समेत करीब 10 गांव प्रभावित हैं। निर्मली प्रखंड के वेलासिंगारमोती और दिघिया पंचायत के सात से अधिक गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं।
### प्रशासन अलर्ट, तटबंधों पर कड़ी निगरानी
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। डीएम सावन कुमार के निर्देश पर जल संसाधन विभाग के अभियंता और प्रशासनिक अधिकारी तटबंधों एवं स्परों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं, लेकिन जलस्तर पर हर पल नजर रखी जा रही है।
### राहत के लिए नावों की व्यवस्था
प्रभावित गांवों में लोगों की आवाजाही बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित निकासी के लिए सरकारी स्तर पर नावों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और नदी किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।
नेपाल में बारिश जारी रहने के कारण कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।