Kosi Live-कोशी लाइव BIHAR:सड़क हादसे में घायल छात्र के फ्रैक्चर पैर पर प्लास्टर की जगह बांधा गया कार्टन - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Thursday, August 6, 2026

BIHAR:सड़क हादसे में घायल छात्र के फ्रैक्चर पैर पर प्लास्टर की जगह बांधा गया कार्टन

बेगूसराय सरकारी अस्पताल का वीडियो वायरल: फ्रैक्चर मरीज के पैर में लकड़ी का स्प्लिंट बांधकर किया रेफर, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

 बिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, लेकिन बेगूसराय से सामने आई यह घटना हर किसी को हैरान कर रही है. जिले के मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल में सड़क हादसे में घायल एक युवक के टूटे पैर पर प्लास्टर करने के बजाय कार्टन का टुकड़ा बांध दिया गया और फिर उसे रेफर कर दिया गया. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.



मामला नावकोठी प्रखंड के महेशवाड़ा वार्ड संख्या 4 का है, जहां के रहने वाले 20 वर्षीय कृष्ण कुमार इस लापरवाही का शिकार हुए हैं. वह स्नातक के छात्र हैं और सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे. परिजन उन्हें इलाज के लिए तुरंत मंझौल अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां जो हुआ उसने सबको चौंका दिया.


प्लास्टर की जगह कार्टन से किया इलाज

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में युवक के फ्रैक्चर पैर का सही तरीके से इलाज नहीं किया गया. जहां प्लास्टर या स्प्लिंट लगाना जरूरी था, वहां डॉक्टरों और स्टाफ ने सामान पैक करने वाले कार्टन का टुकड़ा पैर में लगाकर बैंडेज कर दिया.


इतना ही नहीं, प्राथमिक उपचार के नाम पर यह व्यवस्था करने के बाद युवक को सदर अस्पताल बेगूसराय रेफर कर दिया गया. इससे परिजनों में काफी नाराजगी देखी जा रही है.


वीडियो वायरल, उठे बड़े सवाल

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो सामने आने के बाद लोग सरकारी अस्पतालों की बदहाल स्थिति और संसाधनों की कमी पर सवाल उठा रहे हैं.


स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर एक अनुमंडलीय अस्पताल में भी फ्रैक्चर मरीज के लिए बेसिक सुविधा नहीं है, तो यह बेहद चिंता की बात है.


अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई

मामला तूल पकड़ने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से सफाई दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि मरीज को आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक उपचार दिया गया था.


उनके मुताबिक, मरीज की हालत को देखते हुए तत्काल उपलब्ध संसाधनों से पैर को स्थिर रखने के लिए कार्टन का सहारा लिया गया, ताकि रेफर के दौरान कोई और नुकसान न हो.


जांच के आदेश, रिपोर्ट का इंतजार

घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इलाज में लापरवाही हुई या नहीं.


फिलहाल इस घटना के बाद मरीज के परिजन और स्थानीय लोग काफी नाराज हैं. उनका कहना है कि सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं की कमी अब लोगों की जान के साथ खिलवाड़ बनती जा रही है.