मोतिहारी में रिक्शा चोर गिरोह का पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार; गैराज से 3 चोरी के रिक्शे और कटे पार्ट्स बरामद
मोतिहारी। शहर में लगातार हो रही रिक्शा चोरी की घटनाओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। नगर थाना और शिकारगंज थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से तीन चोरी के रिक्शे और करीब 10 से 15 रिक्शों के कटे हुए पार्ट्स बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरोह चोरी किए गए रिक्शों को जनता चौक के पास स्थित एक गैराज में ले जाता था। वहां रिक्शों को काटकर उनके अलग-अलग पुर्जे कर दिए जाते थे और बाद में इन्हें बेच दिया जाता था। इससे चोरी किए गए वाहनों की पहचान मिटाना आसान हो जाता था।
रिक्शा चोरी के बाद पीड़ित ने खुद शुरू की तलाश
मामले की शुरुआत बुधवार रात करीब 9 बजे हुई, जब एक व्यक्ति का रिक्शा चोरी हो गया। रिक्शा चोरी होने के बाद पीड़ित ने खुद ही उसकी तलाश शुरू कर दी। खोजबीन के दौरान उसे जनता चौक के पास एक संदिग्ध गैराज के बारे में जानकारी मिली।
पीड़ित जब गैराज के पास पहुंचा तो मुख्य गेट बाहर से बंद था, लेकिन अंदर कुछ लोगों की गतिविधियां दिखाई दे रही थीं। संदेह होने पर उसने तत्काल इसकी सूचना नगर थाना और शिकारगंज थाना पुलिस को दी।
गैराज में छापेमारी, चोरी के रिक्शे और पार्ट्स मिले
सूचना मिलते ही दोनों थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध गैराज में छापेमारी की। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में रिक्शों के कटे हुए पार्ट्स मिले। इसके अलावा तीन चोरी के रिक्शे भी बरामद किए गए।
मौके से पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाई और गिरोह से जुड़े एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।
चोरी के बाद गैराज में काट देते थे वाहन
मामले का खुलासा करते हुए सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने एक संगठित गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह के सदस्य शहर के अलग-अलग इलाकों से रिक्शा और बाइक चोरी करते थे। चोरी के बाद वाहनों को जनता चौक स्थित गैराज में लाया जाता था, जहां उन्हें काटकर अलग-अलग पार्ट्स में बदल दिया जाता था।
पुर्जों को अलग-अलग बेचने से चोरी किए गए वाहनों की पहचान करना मुश्किल हो जाता था। पुलिस अब बरामद पार्ट्स की जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि वे कितने चोरी के वाहनों से संबंधित हैं।
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस को था गिरोह पर शक
एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस को पहले से ही इस गिरोह की गतिविधियों पर संदेह था। शहर में हुई चोरी की कई घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान चोरी किए गए वाहन हाईवे की ओर जाते हुए दिखाई देते थे, लेकिन उसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिल रहा था।
पुलिस इसी आधार पर गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। पीड़ित द्वारा संदिग्ध गैराज की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और छापेमारी कर गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को गिरोह के काम करने के तरीके और चोरी की घटनाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से शहर में हुई रिक्शा चोरी की कई अन्य घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है। बरामद रिक्शों और पार्ट्स की पहचान की जा रही है, ताकि उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया जा सके।