अशोक धाम में करंट से नहीं, अफवाह के बाद मची भगदड़ से गई 8 महिलाओं की जान; 23 से ज्यादा घायल
लखीसराय: प्रसिद्ध श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर (अशोक धाम) के पास सोमवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे में 8 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 23 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ घायलों की हालत गंभीर है। शुरुआती जानकारी में हादसे की वजह 11 हजार वोल्ट का तार गिरने और करंट लगने को बताया जा रहा था, लेकिन जिला प्रशासन ने इसे खारिज कर दिया है। डीएम शैलेंद्र कुमार और एडीएम नीरज कुमार ने प्रेस वार्ता कर स्पष्ट किया कि मौतें करंट लगने से नहीं, बल्कि अफवाह के बाद मची भगदड़ में हुईं।
दोनों दिशाओं से ट्रेनों के आने के बाद शुरू हुई अफरा-तफरी
प्रशासन के अनुसार, घटना के समय अशोक धाम हॉल्ट पर एक साथ दोनों दिशाओं से ट्रेनें आ गई थीं। ट्रेनों को देखकर स्टेशन और मंदिर के आसपास मौजूद कुछ युवकों के बीच अचानक भाग-दौड़ शुरू हो गई। देखते ही देखते भीड़ में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इसी दौरान भीड़ के दबाव और भाग-दौड़ के कारण एक बिजली का पोल गिर गया। पोल गिरते ही श्रद्धालुओं के बीच यह अफवाह तेजी से फैल गई कि जमीन पर बिजली का करंट दौड़ रहा है और लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।
बिजली आपूर्ति बंद थी, तार भी इंसुलेटेड था
जिला प्रशासन ने बताया कि जिस समय पोल गिरा, उस समय इलाके की बिजली आपूर्ति बंद थी। जमीन पर गिरा तार भी कवर्ड यानी इंसुलेटेड था। इसके बावजूद करंट फैलने की अफवाह ने श्रद्धालुओं के बीच दहशत पैदा कर दी।
अफवाह फैलते ही लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। पुरुषों की ओर से बने भीड़ के दबाव का असर महिलाओं की कतार पर पड़ा। महिलाएं एक-दूसरे पर गिरने लगीं और देखते ही देखते भगदड़ की स्थिति बन गई।
धक्के से गिरी महिलाएं, पैरों तले कुचलने से मौत
भगदड़ के दौरान कई महिलाएं जमीन पर गिर गईं। पीछे से आ रही भीड़ के दबाव के कारण उन्हें उठने का मौका नहीं मिला और कई श्रद्धालु उनके ऊपर गिरते चले गए। भीड़ में कुचले जाने से 8 महिलाओं की मौत हो गई।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
चार मृतकों की पहचान
प्रशासन की ओर से अब तक मृतकों में कुछ की पहचान की गई है। इनमें—
- मनमाला देवी (44), पति निरंजन कुमार, वार्ड नंबर 12, इंद टोला, बड़हिया, लखीसराय
- रिंकू देवी (50), पति नीरज यादव, फरदा, थाना सफियासराय, जिला मुंगेर
- हेमलता देवी (55), पति सुरेंद्र यादव, कैंदी प्रतापपुर, थाना हलसी, लखीसराय
- ललिता देवी, पति गोरेलाल यादव, प्रतापपुर, थाना हलसी, लखीसराय
इसके अलावा लखीसराय की मधुबाला देवी समेत अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।
23 से ज्यादा लोग घायल, कई की हालत गंभीर
भगदड़ में 23 से ज्यादा लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन की ओर से अस्पतालों में इलाज और घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सीएम ने मुआवजे का किया ऐलान
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। प्रशासन की ओर से मृतकों और घायलों के परिजनों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि हादसे की वास्तविक वजह करंट लगना नहीं, बल्कि बिजली के पोल गिरने के बाद फैली अफवाह और उससे पैदा हुई भगदड़ थी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और ऐसी स्थिति में संयम बनाए रखें।
अधिकारियों ने घटना की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस और प्रशासन हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं, ताकि भगदड़ की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था में हुई किसी भी चूक का पता लगाया जा सके।