पूर्णिया में मानव तस्करी और देह व्यापार रैकेट का खुलासा, 3 गिरफ्तार: 2 नाबालिग लड़कियां रेस्क्यू; नौकरी और शादी का झांसा देकर लाए थे
पूर्णिया। पूर्णिया में पुलिस ने मानव तस्करी और देह व्यापार से जुड़े एक रैकेट का खुलासा करते हुए दो नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों नाबालिगों को अलग-अलग तरह का प्रलोभन देकर यहां लाया गया था।
पुलिस के अनुसार, एक नाबालिग को कपड़े की दुकान में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था, जबकि दूसरी को शादी कराने का भरोसा देकर बहला-फुसलाकर लाया गया था। दोनों को पूर्णिया के रजनी चौक के पास एक किराए के मकान में रखा गया था।
एनजीओ की सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी
विशेष अपराध इकाई की एसडीपीओ शिवानी श्रेष्ठ ने बताया कि पुलिस को यह सूचना ट्रिनिटी एनजीओ के माध्यम से मिली थी। एनजीओ ने महिला थाना पुलिस को बताया था कि रजनी चौक के आसपास एक किराए के मकान में बाहर से नाबालिग लड़कियों को लाकर उनसे देह व्यापार कराया जा रहा है।
सूचना की पुष्टि के बाद विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने बताए गए ठिकाने पर छापेमारी की और वहां से पूर्वी चंपारण की रहने वाली दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बरामद कर लिया।
10 मोबाइल, सिम और फर्जी आईडी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 10 मोबाइल फोन, कई सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड और बड़ी संख्या में फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। पुलिस इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
पुलिस को आशंका है कि इनका इस्तेमाल लड़कियों की पहचान छिपाने और रैकेट से जुड़े लोगों के बीच संपर्क के लिए किया जाता था।
मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान कांटी थाना क्षेत्र के दामोदरपुर निवासी कृष्ण कुमार वर्मा, काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र निवासी अंशु कुमार और कांटी थाना क्षेत्र की बुद्धा कॉलोनी, दामोदरपुर निवासी सरिता वर्मा के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपी मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले हैं और पूर्णिया में किराए का मकान लेकर रह रहे थे।
दो महीने से किराए के मकान में रह रहे थे आरोपी
जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब दो महीने से मकान किराए पर लेकर वहां रह रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और नाबालिग लड़कियों को कहां-कहां से लाकर इस रैकेट में धकेला जाता था।
एसडीपीओ के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आरोपियों पर लड़कियों को बहला-फुसलाकर देह व्यापार में धकेलने के साथ मानव तस्करी से जुड़े होने का भी संदेह सामने आया है।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुके हैं। उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच के साथ रैकेट से जुड़े के लिए आगे की कार्रवाई कर रही है।