मधेपुरा में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: SP संदीप सिंह ने 75 पुलिस पदाधिकारियों का किया तबादला, 24 घंटे में योगदान का आदेश
मधेपुरा: जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने और लंबित मामलों के अनुसंधान में तेजी लाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप सिंह ने पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एसपी ने एक साथ 75 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला करते हुए उन्हें 24 घंटे के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है।
एसपी कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, ऐसे पुलिस पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है जो दो वर्ष से अधिक समय से एक ही थाना, ओपी या पुलिस प्रतिष्ठान में कार्यरत थे। इस कदम को पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, कार्यकुशलता और बेहतर कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कई प्रमुख थानों में बदले गए अधिकारी
जारी सूची के अनुसार मधेपुरा थाना में तैनात एसआई सुमंतजी बारी को बिहारीगंज थाना, एसआई जावेद इकबाल को रतवारा थाना, एसआई संतोष कुमार सिंह को उदाकिशुनगंज थाना भेजा गया है। वहीं एएसआई अरुण कुमार सिंह को फुलौत, दिनेश कुमार उरांव को अरार, रामप्रित यादव को श्रीनगर तथा विश्वनाथ प्रसाद को मुरलीगंज थाना में नई जिम्मेदारी दी गई है।
महिला थाना की एएसआई रेखा कुमारी का तबादला ग्वालपाड़ा थाना किया गया है। भर्राही थाना से एसआई शिवनाथ यादव को रतवारा, एसआई श्यामदेव प्रसाद को आलमनगर और एसआई मनोज कुमार सिंह को पुरैनी थाना भेजा गया है।
शंकरपुर, श्रीनगर और उदाकिशुनगंज से भी बड़े पैमाने पर बदलाव
फेरबदल के तहत श्रीनगर थाना से एसआई नागेंद्र कुमार को बिहारीगंज, घनश्याम प्रसाद को बेलारी, एएसआई राकेश कुमार सिंह को मधेपुरा तथा पीटीसी नवीन कुमार मंडल को फुलौत थाना भेजा गया है।
शंकरपुर थाना से श्यामदेव यादव को मधेपुरा, महितोष परासर को उदाकिशुनगंज, एएसआई मिथिलेश कुमार गुप्ता को मधेपुरा, एएसआई दिनेश कुमार झा को गम्हरिया तथा एएसआई हरीबल्लभ कुमार को चौसा थाना में पदस्थापित किया गया है।
उदाकिशुनगंज थाना से एसआई दीनानाथ राय को मधेपुरा, अजीत कुमार को भर्राही और राजेश चौधरी को शंकरपुर थाना भेजा गया है। इसके अलावा जिले के अन्य थानों और पुलिस इकाइयों में भी व्यापक स्तर पर पदाधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है।
24 घंटे में योगदान का निर्देश
एसपी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी स्थानांतरित पुलिस पदाधिकारी निर्धारित 24 घंटे के भीतर अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देना सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन का मानना है कि इस बड़े फेरबदल से पुलिसिंग व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी, अपराध नियंत्रण को मजबूती मिलेगी तथा लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी।