पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन और करबिगहिया इलाके में कथित सेक्स रैकेट का विरोध करने वाले बंटी को 18 घंटे से ज्यादा समय तक टॉर्चर किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, उसके शरीर पर 100 से ज्यादा चोटों के निशान मिले हैं। शरीर के कई हिस्सों पर डंडे और रॉड से पिटाई के काले निशान भी पाए गए।
उसके चेहरे को किसी भारी चीज से कुचला गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी मौत अपहरण के करीब 14 से 18 घंटे बाद हुई। यानी अपहरण के अगले दिन तक आरोपी उसे तब तक पीटते रहे, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।
बताया जा रहा है कि अपहरण के बाद आरोपी ऑटो से उसे लेकर 9 थाना क्षेत्रों से गुजरे, लेकिन किसी पुलिस कर्मी ने उनकी गाड़ी को चेक तक नहीं किया।
चेहरा कूचा हुआ था, आंखें निकली हुई थी और दाएं हाथ पर मांस भी नहीं था। उसे इतनी बुरी तरह मारा गया था कि पूरे बदन पर गहरे काले जख्म के निशान थे।
चेहरा इतना खराब कर दिया गया था कि कोई देख कर समझ ना सके किसकी लाश है। बंटी की पहचान उसके परिजनों ने की। अब बंटी के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में और भी कई दिल दहलाने वाले खुलासे हुए हैं। केवल उसे किडनैप कर के मारा नहीं गया था बल्कि उसे बुरी तरह टार्चर भी किया गया था।
पोस्टमॉर्टम में सामने आई टार्चर की कहानी
पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि बंटी के शरीर पर ईंट या पत्थर जैसी भारी चीज से कई बार वार किया गया था। चेहरे, सिर और हाथ पर सबसे ज्यादा चोटें मिलीं। चेहरा इतना बुरी तरह कुचल दिया गया था कि आंख और नाक की पहचान करना मुश्किल हो गया। दाहिने हाथ का अधिकांश हिस्सा नष्ट हो चुका था और केवल हड्डी बची थी, जबकि बायां हाथ ठीक था। शरीर पर कई जगह गहरे चोट के निशान मिले। शव गलना भी शुरू हो चुका था। डॉक्टर ने बताया कि शव की हालत देख कर यह तो साफ है कि हत्या बहुत ही बेरहमी से की गई है।
टैटू मिटाकर पहचान छिपाने की कोशिश
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने हत्या के बाद बंटी की पहचान मिटाने की कोशिश की। उसके दाहिने हाथ पर बना टैटू किसी नुकीली चीज से गोदकर खराब कर दिया गया था। इतना ही नहीं, हाथ में पहना जाने वाला कड़ा भी गायब मिला। पोस्टमॉर्टम के दौरान वह कड़ा बरामद नहीं हुआ। डॉ. अजय कुमार सिंह के मुताबिक पोस्टमॉर्टम में गोली लगने या शरीर में छर्रे मिलने का कोई प्रूफ नहीं मिला है। शुरुआती जांच से साफ है कि बंटी को बुरी तरह पीटने के बाद उसकी बेरहमी से हत्या की गई है और उसकी पहचान मिटाने की भी कोशिश की गई है।
भाई ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बंटी के भाई मुकुल यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है। मुकुल का कहना है कि परिवार 6 दिनों तक लगातार अलग-अलग जगहों पर उसकी तलाश करता रहा। अथमलगोला की तरफ भी वे कई किलोमीटर तक खोजबीन कर रहे थे। लौटते समय सड़क किनारे भीड़ देखकर रुके तो वहीं एक शव पड़ा मिला। पास जाकर देखा तो वह बंटी का ही शव था। मुकुल का आरोप है कि पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने में कोई तेजी नहीं दिखाई। उसका कहना है कि परिवार ने खुद तीन संदिग्ध लोगों को पुलिस के हवाले किया।
मुकल ने दावा किया कि CCTV फुटेज में रोहित नाम का लड़का बंटी को धक्का देकर ऑटो में बैठाते हुए दिखाई दिया था। उसके मुताबिक जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। इस मामले में कई नामजद आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस का कहना है कि उनकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।
क्या है पूरा मामला?
पटना के करबिगहिया का रहने वाला बंटी 6 जुलाई की रात को किडनैप हो गया था। मिली जानकारी के अनुसार उसे कुछ लोगों ने कॉल कर के हनुमान मंदिर के पास बुलाया था। वो पास की दूकान से दही खरीद रहा था तभी कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसे गाड़ी में बिठाकर ले गए। परिजनों ने उसके घर वापस नहीं आने पर 7 जुलाई को कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई।
CCTV फुटेज में बंटी किडनैप होता दिखाई दिया, अलग-अलग फुटेज से कई सबूत पुलिस के हाथ लगे। परिवार वालों का कहना है कि अगर पुलिस ने फुर्ती दिखाई होती तो शायद बंटी आज जिंदा होता। बनती का शव बहुत की बुरी कंडीशन में 11 जुलाई की शाम किडनैपिंग वाली जगह से करीब 62 किलोमीटर दूर, अथमलगोला से मिला है।
बंटी फास्टफूड की दूकान चलाता था। परिवार वालों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले में चल रहे कथित सेक्स रैकेट का वो विरोध करता था। इसे लेकर उसकी कुछ लोगों से कुछ दिन पहले कहासुनी भी हुई थी और उनलोगों ने बंटी को अंजाम अच्छा नहीं होने की धमकी भी दी थी। अब बंटी का शव मिला है कर पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उसे बुरी तरह टार्चर करने की बात भी सामने आई है। पोस्टमॉर्टम के बाद बंटी का शव न्यू करबिगहिया स्थित उसके घर लाया गया, जहां परिजनों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने अंतिम दर्शन किए। इसके बाद पटना के गुलबी घाट पर पूरे रीति-रिवाज के साथ उसका अंतिम संस्कार किया गया।