वैशाली डबल मर्डर केस: आर्मी जवान के हत्यारोपी का पुलिस एनकाउंटर, इंसास राइफल छीनकर भागा, जवाबी फायरिंग में पैर में लगी दो गोलियां
हाजीपुर/वैशाली: बिहार के वैशाली जिले में सेना के जवान और उनके पिता की हत्या के मुख्य आरोपी जगदीश राय का सोमवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी को पटना से गिरफ्तार कर बिदुपुर थाना लाया जा रहा था। इसी दौरान उसने चलती पुलिस गाड़ी में मौजूद जवान की इंसास राइफल छीन ली, वाहन से कूदकर भागने लगा और पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके दोनों पैरों में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रास्ते के विवाद में हुई थी पिता-पुत्र की हत्या
रविवार सुबह बिदुपुर थाना क्षेत्र में जमीन और रास्ते के पुराने विवाद को लेकर आरोपी जगदीश राय ने अपने चाचा मुनारिक राय (60) और उनके बेटे, सेना के जवान जितेंद्र कुमार (35), पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। मुनारिक राय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल जितेंद्र कुमार ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
दो दिन पहले छुट्टी पर घर आए थे जवान
जितेंद्र कुमार राजस्थान में भारतीय सेना में तैनात थे। वह अपने बहनोई की करंट लगने से हुई मौत के बाद परिवार के साथ शोक में शामिल होने के लिए दो दिन पहले ही छुट्टी लेकर गांव पहुंचे थे। घटना के समय वह अपने पिता को बचाने पहुंचे थे, लेकिन आरोपी ने उन्हें भी गोली मार दी।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पर की फायरिंग
डबल मर्डर के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने उसे पटना के एक हॉस्टल से गिरफ्तार किया। बिदुपुर थाना लाने के दौरान उसने पुलिस की इंसास राइफल छीन ली और गाड़ी से कूदकर भागते हुए पुलिस पर गोलियां चलाईं। पुलिस वाहन पर भी गोलियां लगीं। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी और उसे मौके पर दबोच लिया गया।
पुराना था जमीन और रास्ते का विवाद
जांच में सामने आया है कि आरोपी जगदीश राय और उसके चाचा मुनारिक राय के बीच लंबे समय से जमीन और घर के रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी ने कुछ दिन पहले चाचा के घर का रास्ता बंद कर दिया था। इस संबंध में पुलिस से शिकायत भी की गई थी और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची थी। उस समय समझौता हुआ, लेकिन विवाद समाप्त नहीं हुआ।
हत्या से पहले दी थी जान से मारने की धमकी
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, शनिवार रात भी दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी। इसी दौरान आरोपी ने चाचा को जान से मारने की धमकी दी थी। गांव में पंचायत भी बुलाई गई थी, लेकिन विवाद नहीं सुलझ सका। घटना के अगले ही दिन आरोपी ने चाचा और सेना के जवान भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि घटना से तीन दिन पहले बिदुपुर थाने में लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि पुलिस पहले हस्तक्षेप करती, तो दोहरी हत्या जैसी वारदात टाली जा सकती थी।
एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना के बाद पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके से जिंदा कारतूस और खोखे बरामद किए हैं। मामले की वैज्ञानिक जांच जारी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।