हेडलाइन
6-7 करोड़ के मोबाइल चोरी कांड का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: हरियाणा के नूंह से दबोचा गया आरोपी, 620 मोबाइल और ₹6.97 लाख नकद बरामद
सबहेड
नोएडा से गुवाहाटी जा रहे कंटेनर से गायब हुए थे 612 बॉक्स, एसआईटी की कार्रवाई में अब तक 1437 मोबाइल बरामद; मेवात में खपाने की थी साजिश
अररिया। नोएडा से गुवाहाटी जा रहे कंटेनर से करोड़ों रुपये के मोबाइल चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ अररिया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मास्टरमाइंड को हरियाणा के नूंह जिले से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के कब्जे से करीब दो करोड़ रुपये मूल्य के 620 मोबाइल, 6.97 लाख रुपये नकद, दो वाहन तथा मोबाइल कंपनियों के कई मूल दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
हरियाणा के नूंह से गिरफ्तार हुआ मास्टरमाइंड
सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के नूंह थाना क्षेत्र निवासी नईम (पिता अख्तर हुसैन) के रूप में हुई है। नईम फरीदाबाद में पांच हजार रुपये का इनामी अपराधी है। आंध्र प्रदेश के कनोल थाना क्षेत्र में भी वह इसी तरह के मामले में आरोपी रह चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर था। पुलिस ने उसके घर से बरामद स्कॉर्पियो में कंपनी के कई मूल दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
कंटेनर से 612 बॉक्स मोबाइल गायब हुए थे
पुलिस के अनुसार 7-8 जून की रात नोएडा से रियलमी, ओप्पो और वनप्लस कंपनी के मोबाइल और पार्ट्स लेकर गुवाहाटी जा रहा कंटेनर अररिया के जीरो माइल स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास लावारिस अवस्था में मिला था। जांच में पता चला कि कंटेनर में लोड 1143 बॉक्स में से 612 बॉक्स गायब थे।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह ने गोरखपुर और लखनऊ के बीच दो टोल प्लाजा के पास कंटेनर रोककर मोबाइल से भरे बॉक्स दूसरे वाहन में उतार लिए। इसके बाद ट्रक को अररिया लाकर छोड़ दिया गया, ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।
अब तक 1437 मोबाइल बरामद
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने इससे पहले हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में छापेमारी कर नूंह के अनवर उर्फ अनावरूल, दिल्ली के दीपक गुप्ता तथा मथुरा के शाहिल और कामिल उर्फ किम्मी को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में 817 मोबाइल, एक थार, एक सियाज कार, लैपटॉप और डीवीआर बरामद किए गए थे।
नईम की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 1437 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक जब्त मोबाइलों की बाजार कीमत लगभग छह से सात करोड़ रुपये आंकी गई है।
मेवात में बेचने की थी तैयारी
एसडीपीओ ने बताया कि आरोपी नईम ने मेवात क्षेत्र में चोरी के मोबाइलों को दूसरे कंटेनर में लोड कर बेचने का नेटवर्क तैयार किया था। पुलिस का कहना है कि इन मोबाइलों का इस्तेमाल साइबर अपराध में भी किया जा सकता था। गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, गुरुग्राम, हरियाणा और राजस्थान के अलवर व जयपुर तक फैला हुआ है।
ग्राहक बनकर एसआईटी ने खोला राज
पुलिस ने बताया कि गिरोह तक पहुंचने के लिए एसआईटी के अधिकारियों ने ग्राहक बनकर नूंह और पलवल में सस्ते दाम पर मोबाइल खरीदने का नाटक किया। इसी दौरान गिरोह के सदस्यों से संपर्क स्थापित हुआ और पूरे नेटवर्क का खुलासा हो गया।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपी नईम को ट्रांजिट रिमांड पर अररिया लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अभी और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।