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Friday, July 3, 2026

NEWS:आरा में भरत तिवारी कांड जैसा नया मामला? दलित युवक सनोज के गायब होने पर 2 SI समेत 6 पुलिसकर्मी को जेल, हाईकोर्ट खुद करेगा मॉनिटरिंग

 
हाईकोर्ट की दखल पर 2 एएसआई समेत 6 पुलिसकर्मी गिरफ्तार

आरा में भरत तिवारी कांड जैसा नया मामला? लापता दलित युवक केस में बड़ी कार्रवाई
आरा। आरा में लापता दलित युवक सनोज कुमार मामले में पटना हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बड़ी कार्रवाई हुई है। उत्पाद थाने के दो एएसआई, तीन होमगार्ड और एक निजी चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की मॉनिटरिंग स्वयं पटना हाईकोर्ट कर रहा है।
कोर्ट के आदेश पर बुधवार को सभी पुलिसकर्मियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार लोगों में एएसआई धीरज कुमार सिंह, राज कुमार, होमगार्ड राजू सिंह, उमेश यादव, धर्मेंद्र पासवान और निजी चालक विकास सिंह शामिल हैं। सभी जगदीशपुर उत्पाद थाने में तैनात थे।

कस्टडी से गायब हुआ था सनोज कुमार

बताया जा रहा है कि बिहिया थाना क्षेत्र के गंज गांव निवासी गौरी शंकर राम के पुत्र सनोज कुमार को 13 अगस्त 2025 को उत्पाद विभाग की टीम ने हिरासत में लिया था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा।
पुलिस रिपोर्ट में दावा किया गया कि सनोज हिरासत से फरार हो गया था। हालांकि इस दावे पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि सनोज का मोबाइल पुलिस के पास से बरामद हुआ, जबकि उसकी बाइक भी लावारिस हालत में मिली थी।
भाई ने बताया- फोन पर रो रहा था
सनोज के भाई निरंजन कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद सनोज ने फोन कर कहा था कि आबकारी पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। बाद में जब दोबारा बात हुई तो वह रो रहा था और कह रहा था कि पुलिस उसके साथ मारपीट कर रही है। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया।

हाईकोर्ट ने उठाए गंभीर सवाल

पटना हाईकोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए भोजपुर डीएम, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को तलब किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए।
खंडपीठ ने सीसीटीवी फुटेज देखकर टिप्पणी की कि बंद बोलेरो के पीछे का दरवाजा खोले बिना किसी का भाग निकलना संभव नहीं लगता। कोर्ट ने पीड़ित परिवार को तत्काल सुरक्षा देने का आदेश दिया है।

हाईकोर्ट करेगा मॉनिटरिंग
न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और कुमार मनीष की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि प्राथमिकता लापता युवक की बरामदगी और सच सामने लाना है।
हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की मॉनिटरिंग वह स्वयं करेगा, जबकि जांच की निगरानी भोजपुर एसपी को सौंपी गई है। फिलहाल पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सनोज कुमार की तलाश में जुटी है।

सबसे पहले जानिए सनोज के गायब होने का मामला क्या है?

सनोज की चाची मीरा देवी ने बताया कि सनोज राजमिस्त्री का काम करता था। 13 अगस्त 2025 की सुबह करीब साढ़े आठ बजे वो घर से खाना खाकर बिहिया के तेघरा गांव में काम करने के लिए निकला था। शाम को काम खत्म होने के बाद सनोज अपने तीन-चार साथियों के साथ धरहरा महादलित बस्ती चला गया।

इसी दौरान सनोज के पिता गौरी शंकर राम ने फोन कर पूछा कि तुम कब तक घर आ जाओगे। जवाब में सनोज ने कहा कि बिहिया पहुंच चुका हूं, थोड़ी देर में घर आ जाऊंगा।

करीब 10 मिनट बाद सनोज ने अपने छोटे भाई निरंजन को फोन कर बताया कि मुझे उत्पाद विभाग (अबकारी) की टीम ने बिहिया के धरहरा महादलित बस्ती से पकड़ लिया है। इसके लगभग 15 मिनट बाद फिर फोन आया।

सनोज रो रहा था और उसने कहा कि पुलिस वाले पीट रहे हैं। ये सुनते ही परिवार के लोग ऑटो से धरहरा महादलित बस्ती पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि उत्पाद विभाग की टीम सनोज को गाड़ी में बैठाकर बिहिया चौराहा की ओर ले गई है।

परिवार के लोग सबसे पहले बिहिया थाना पहुंचे और पूछा कि क्या पुलिस ने किसी युवक को गिरफ्तार किया है। थाने में बताया गया कि किसी को नहीं पकड़ा है। इसके बाद परिवार दोबारा धरहरा महादलित बस्ती पहुंचा, जहां स्थानीय लोगों ने बताया कि जगदीशपुर उत्पाद विभाग की टीम आई थी और सनोज को अपने साथ ले गई है। इसके बाद परिजन जगदीशपुर उत्पाद कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।


उत्पाद विभाग के अधिकारी बोले- हम लोग महादलित बस्ती नहीं गए थे

मीरा देवी का आरोप है कि पहले उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने कहा कि महादलित बस्ती नहीं गए थे। बाद में कहा कि हम लोगों को देखकर सभी लोग मौके से भाग गए थे। इसके बाद सनोज के परिवार ने पूरी रात और अगले दिन यानी 14 अगस्त की शाम तक सनोज की तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला।

आखिर में सनोज के पिता गौरी शंकर ने बिहिया थाने में 14 अगस्त 2025 की शाम बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सनोज के माता-पिता करीब 7 महीने यानी फरवरी तक थाना, डीएसपी कार्यालय और अन्य अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी ने उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। उल्टा पुलिसकर्मियों ने थाने में कई बार उनके साथ दुर्व्यवहार किया।

मीरा देवी ने बताया-

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घटना के करीब 10 दिन बाद परिवार के दबाव पर बिहिया थाने की पुलिस ने सनोज के मोबाइल की टावर लोकेशन निकाली। मोबाइल की अंतिम लोकेशन जगदीशपुर उत्पाद कार्यालय के आसपास मिली। इसके बावजूद उत्पाद विभाग की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

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25 अगस्त 2025 को उत्पाद विभाग के कर्मियों ने सनोज का एक मोबाइल बिहिया थाने में जमा कराया और कहा कि मोबाइल आबकारी विभाग की गाड़ी के ड्राइवर के पास रह गया था। बाद में अधिकारियों ने अपना बयान बदलते हुए कहा कि सनोज चलती गाड़ी से बिहिया चौराहे के पास कूदकर भाग गया था।

सनोज की भाभी बोली- परिवार पर लगातार समझौते का दबाव बनाया गया

सनोज की भाभी छोटी देवी ने बताया कि घटना के बाद से परिवार पर समझौता करने का दबाव बनाया गया। अलग-अलग लोग आकर 2 लाख, 5 लाख रुपए तक देने की बात कह चुके हैं, लेकिन परिवार किसी भी कीमत पर समझौता नहीं चाहता है। हमे सिर्फ न्याय चाहिए और यदि सनोज जीवित है तो उसे सुरक्षित वापस लाया जाए।

छोटी देवी ने बताया कि सनोज की शादी साल 2021 में बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के देवकुली गांव के रहने वाले धुरेन्द्र राम की बेटी सुभी कुमारी से हुई थी। सनोज और सुभी कुमारी का तीन साल का बेटा अंकुश है।

जब सनोज लापता हुआ, तब सुभी 3 महीने की प्रेग्नेंट थी। सनोज के लापता होने के बाद से सुभी लगातार बेसुध हो रही थी, रो रही थी, खाना-पीना छोड़ दिया था। इसका असर सुभी के पेट में पल रहे बच्चे पर पड़ा और जन्म के कुछ देर बाद ही नवजात की मौत हो गई। इस घटना के बाद से सुभी कुमारी गहरे सदमे में है और सामान्य जीवन नहीं जी पा रही है।


'उत्पाद विभाग के पुलिसकर्मियों ने कहा- हमने सनोज को नहीं पकड़ा'

सनोज की मां कलावती देवी ने कहा कि बेटे की तलाश में दर-दर की ठोकरें खाईं। हर जगह यही कहा गया कि उनके बेटे को किसी ने नहीं पकड़ा है। सनोज को गिरफ्तार नहीं किया गया था तो उसका मोबाइल उत्पाद विभाग के पास कैसे पहुंचा और आठ दिन बाद थाने में क्यों जमा कराया गया?

सनोज का दूसरा मोबाइल आज तक बरामद नहीं हुआ है। महादलित टोले के लोगों ने बताया था कि उत्पाद विभाग के कर्मियों ने सनोज को इतनी बुरी तरह पीटा था कि वो अपने पैरों पर चल भी नहीं पा रहा था। जब वह पानी मांग रहा था तो गांव के लोग उसे पानी पिलाना चाहते थे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें गाली देकर भगा दिया था।

मेरे बेटे की हत्या कर शव को कहीं ठिकाना लगा दिया गया है। इस घटना के बाद से बहू सदमे में है, नवजात की मौत हो चुकी है और पूरा परिवार आज भी न्याय का इंतजार कर रहा है।

आबकारी विभाग के ड्राइवर ने खुद बताया था कि बिहिया के पेट्रोल पंप के पास सनोज का मोबाइल लिया था। जिन लोगों ने मेरे बेटे के साथ गलत किया है, उन्हें कानून के तहत कड़ी सजा मिलनी चाहिए।


अब जानिए हाईकोर्ट तक सनोज का मामला कैसे पहुंचा

आरा सिविल कोर्ट के वकील दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि मैं सनोज के घर के आसपास के कई लोगों का अलग-अलग केस देखता हूं। सनोज के गांव के लोगों ने ही मेरी मुलाकात उसके परिवार के लोगों से कराई। इसके बाद मैंने मामले को सुना। सनोज के परिवार की ओर से मैंने मामले को मानवाधिकार आयोग, भोजपुर एसपी, बिहार डीजीपी के संज्ञान में लाया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

14 अगस्त को बिहिया थाने में सनोज के घरवालों की ओर से गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। एक दिन पहले यानी 13 अगस्त को सनोज के फोन आने और उसने जो भी बताया था, उसके बारे में आवेदन में विस्तार से जानकारी दी गई।

7 दिन बाद बिहिया थाने की ओर से सनोज का लोकेशन चेक किया गया तो उसके मोबाइल का आखिरी लोकेशन जगदीशपुर उत्पाद विभाग के कार्यालय के पास था। इसके बाद सनोज का परिवार उत्पाद विभाग के अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की, तो उनकी ओर से बताया गया कि सनोज नाम के किसी शख्स की उनके पास कोई जानकारी नहीं है।

21 अगस्त के आसपास जगदीशपुर उत्पाद विभाग का कोई कर्मचारी एक मोबाइल लेकर बिहिया थाना आया, बताया कि उत्पाद विभाग के प्राइवेट ड्राइवर के पास ये मोबाइल रह गया था। बाद में जब सनोज के परिजन को थाना बुलाकर मोबाइल दिखाया गया तो उन्होंने कहा कि ये मोबाइल सनोज का है।

वही, जो ड्राइवर मोबाइल लेकर थाना आया था, उससे पूछताछ की गई थी तो उसने बताया था कि एक पेट्रोल पंप के पास सनोज से मोबाइल लिया गया था। मोबाइल मिलने के बाद सनोज के परिवार ने जगदीशपुर डीएसपी, बिहिया थाने की पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन सटीक जवाब नहीं मिला।

हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर जताई नाराजगी

दिलीप सिंह ने बताया कि पटना हाईकोर्ट के वकील मिथिलेश कुमार की मदद से मार्च 2026 में याचिका दायर की। न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद और न्यायमूर्ति कुमार मनीष ने सनोज के मामले में जांच रिपोर्ट पर नाराजगी जताई। इस मामले में पटना हाईकोर्ट में पहली बार 24 जून, दूसरी बार 30 जून और फिर 2 जुलाई को सुनवाई हुई।

30 जून को सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने भोजपुर एसपी राज, डीएम तनय सुल्तानिया और एक्साइज कमिश्नर रजनीश कुमार को पेश होने का आदेश दिया था। 2 जून को एसपी राज ने हाईकोर्ट के आदेश पर घटना से संबंधित कागजात लेकर पेश हुए। एसपी की ओर से सूचना दी गई है कि घटना में जुड़े आबाकारी विभाग के उन सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो 13 अगस्त को महादलित टोला गए थे।

वहीं, हाईकोर्ट ने सनोज गुमशुदगी केस में भोजपुर पुलिस की जांच की धीमी गति और पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। हाईकोर्ट ने कहा कि अब तक की जांच से यह स्पष्ट है कि सनोज कुमार को उत्पाद (एक्साइज) पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिसके बाद से वो लापता है। ऐसे में ये पता लगाना जरूरी है कि वो वास्तव में भागा या उसके साथ कोई अप्रिय घटना हुई। कोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि जांच का तरीका संदिग्ध पुलिसकर्मियों की मदद करने जैसा प्रतीत हो रहा है।

कोर्ट ने केस डायरी देखने के बाद कहा कि उत्पाद पुलिस टीम के कई सदस्य संदेह के घेरे में हैं, लेकिन अब तक सच्चाई सामने नहीं आई है।

अब जानिए कोर्ट में सनोज केस के जांचकर्ता ने क्या-क्या बताया?

वहीं, पटना हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान केस की जांच कर रहे बिहिया थाने के SHO ने बताया कि घटना वाले दिन सनोज कुमार को उत्पाद पुलिसकर्मी हिरासत में लेकर गए थे।

अब तक की जांच में ये भी सामने आया कि सनोज ने शाम 6 बजकर 35 मिनट और 6 बजकर 43 मिनट पर अपने परिजन को फोन कर बताया था कि उसे उत्पाद पुलिस ने पकड़ लिया है। कॉल डिटेल और टावर लोकेशन से इसकी पुष्टि हुई है। उसके एक मोबाइल की लोकेशन उत्पाद थाना, जगदीशपुर मिली है।

जांचकर्ता ने कोर्ट को ये भी बताया कि उत्पाद विभाग के दो ASI ने पहले सनोज की गिरफ्तारी से इनकार किया, लेकिन बाद में बयान बदलते हुए स्वीकार किया कि 5 लोगों को पकड़ा था।

हालांकि हाईकोर्ट ने इस पर सवाल उठाया कि मोबाइल अब तक फॉरेंसिक जांच के लिए क्यों नहीं भेजा गया। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि सनोज कुमार उत्पाद पुलिस की हिरासत में था और उसके बाद से लापता है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है।

अब जानिए, भोजपुर पुलिस ने सनोज गुमशुदगी मामले में किसे गिरफ्तार किया

हाईकोर्ट के आदेश के बाद भोजपुर पुलिस ने 13 अगस्त 2025 को बिहिया के महादलित बस्ती में रेड करने गई टीम के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक्साइज ASI धीरज कुमार और राज कुमार, होमगार्ड धर्मेंद्र पासवान, उमेश यादव और विकास कुमार सिंह के अलावा, प्राइवेट ड्राइवर शामिल है।