राजद के पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार और दो कर्मी गिरफ्तार
नकली शराब मामले में कार्रवाई तेज, शराब बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू
रांची। रांची के ओरमांझी स्थित तरंगनी लिकर प्राइवेट लिमिटेड के शराब बॉटलिंग प्लांट का लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सहायक उत्पाद आयुक्त के नेतृत्व में हुई छापेमारी में फैक्ट्री परिसर से 303 पेटी (2646 लीटर) नकली विदेशी शराब और 70 लीटर बीयर जब्त की गई।
इस मामले में फैक्ट्री के मालिक और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पूर्व एमएलसी सुबोध कुमार उर्फ सुबोध राय के साथ उनके दो कर्मचारी रविकांत राय और देवेंद्र भगत को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट में पेशी के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
बरामद शराब में आफ्टर डार्क, 8 पीएम और रॉयल मेंशन जैसे ब्रांड शामिल हैं। कार्रवाई के बाद सहायक उत्पाद आयुक्त उमाशंकर सिंह ने रांची उपायुक्त और उत्पाद विभाग को प्लांट का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा करते हुए पत्र भेजा है।
विभाग का कहना है कि जांच में फैक्ट्री के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। फिलहाल उत्पाद विभाग ने पूरे प्लांट को सील कर दिया है।
आटा चक्की में मजदूरी से शराब कारोबार तक का सफर
जानकारी के अनुसार, सुबोध कुमार का शुरुआती जीवन बेहद साधारण रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब दो दशक पहले वह प्रखंड क्षेत्र के अंधारी गाछी स्थित एक आटा चक्की में मजदूरी करता था।
इसी दौरान उसने एक संबंधी की मदद से देसी शराब के कारोबार में कदम रखा। शुरुआत में शराब की डिलीवरी और बिक्री का काम किया और धीरे-धीरे क्षेत्र में शराब कारोबार का बड़ा चेहरा बन गया।
बाद में उसने हरिहर चौक पर अंग्रेजी शराब की दुकान का लाइसेंस लिया। आरोप है कि इसी दौरान अवैध देसी शराब निर्माण का नेटवर्क भी संचालित होता रहा। इस दौरान उसके भाई विकास कुमार का नाम भी शराब से जुड़े मामलों में सामने आया था और उसे जेल भी जाना पड़ा था।
राजनीति में बढ़ा प्रभाव
राजनीतिक रूप से सुबोध कुमार का प्रभाव तब बढ़ा जब उनका संपर्क राष्ट्रीय जनता दल के शीर्ष नेतृत्व से हुआ। इसके बाद वह वर्ष 2016 से 2022 तक विधान परिषद (एमएलसी) के सदस्य रहे।
बताया जाता है कि उनका छोटा भाई विकास कुमार लगातार तीसरी बार पोझा पंचायत का मुखिया चुना गया है। एमएलसी कार्यकाल समाप्त होने के बाद सुबोध ने अपने कारोबार का विस्तार किया। फिलहाल नकली शराब मामले में जांच जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।