सहरसा: जिले के बिहरा थाना क्षेत्र में मोबाइल चार्ज करने के दौरान करंट लगने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। मंगलवार देर शाम हुई इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। बुधवार सुबह पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि दो छोटे बच्चों के सिर से मां का साया उठ जाने से हर किसी की आंखें नम हैं।
मृतका की पहचान बिहरा थाना क्षेत्र के मोकना वार्ड संख्या-10 निवासी लालो कुमार यादव की 28 वर्षीय पत्नी रीना देवी के रूप में हुई है। रीना देवी अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई हैं। इनमें छह वर्षीय पुत्र वृषभ और चार वर्षीय पुत्र रौनक शामिल हैं। मां की अचानक मौत के बाद दोनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मोबाइल चार्ज करने के दौरान हुआ हादसा
मृतका के देवर सचिन कुमार ने बताया कि मंगलवार की शाम वह बाजार गए हुए थे। इसी दौरान उन्हें फोन पर सूचना मिली कि रीना देवी घर में लगे बिजली बोर्ड पर मोबाइल चार्ज करने गई थीं। बिजली बोर्ड के ऊपर एक होल्डर लटका हुआ था, जिसके तार कटे हुए थे।
बताया जाता है कि मोबाइल चार्ज करने के दौरान उनका संपर्क कटे हुए बिजली के तार से हो गया, जिससे उन्हें जोरदार करंट लगा और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही चली गई जान
घटना के बाद परिजन उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मामले की सूचना बिहरा थाना पुलिस को दी गई।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बिहरा थानाध्यक्ष संजय कुमार सत्यार्थी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला करंट लगने से मौत का प्रतीत होता है, लेकिन इसे संदिग्ध मौत मानते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
गांव में शोक, बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
रीना देवी की असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे ज्यादा दर्दनाक स्थिति उनके दोनों मासूम बच्चों की है, जो अब अपनी मां को हमेशा के लिए खो चुके हैं। गांव के लोग परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हुए हैं।