हेडलाइन:
आनंद किशोर BSEB अध्यक्ष पद से हटे, बिहार के टेंडर घोटाले के बीच बढ़ी सियासी हलचल
पटना: बिहार की नौकरशाही और सियासी गलियारों में लंबे समय से चर्चा का विषय बने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह पूर्व पटना डीएम त्यागराजन एसएम को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस फैसले के बाद सत्ता और शिक्षा महकमे में हलचल तेज हो गई है।
आनंद किशोर पिछले कई वर्षों से बिहार बोर्ड की कमान संभाल रहे थे और मैट्रिक-इंटर परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलावों के लिए जाने जाते रहे हैं। उनके कार्यकाल में परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए।
हालांकि हाल के महीनों में चर्चित टेंडर घोटाले और ठेकेदार ऋषुश्री उर्फ रंजन सिन्हा से जुड़े मामले में उनका नाम सामने आने के बाद उन पर सवाल भी उठने लगे थे। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच रिपोर्ट में कथित तौर पर यह दावा किया गया कि टेंडर घोटाले की जांच के दौरान आरोपी मुमुक्षु चौधरी ने बयान दिया था कि नगर आयुक्त की पोस्टिंग के लिए 25 लाख रुपये की डील हुई थी। हालांकि इन आरोपों पर अभी अंतिम कानूनी निष्कर्ष आना बाकी है।
बिहार का चर्चित टेंडर घोटाला सरकारी ठेकों में कथित हेराफेरी, नियमों की अनदेखी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है। इस मामले में मुख्य आरोपी ठेकेदार ऋषुश्री को विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेजा था। जांच का दायरा बढ़ने के साथ कई प्रभावशाली नाम एजेंसियों के रडार पर आए हैं।
आनंद किशोर को मुख्यमंत्री के करीबी अधिकारियों में गिना जाता रहा है। ऐसे में बोर्ड अध्यक्ष पद से उनकी विदाई को महज नियमित प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि वे अभी भी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में अपर मुख्य सचिव के पद पर बने रहेंगे।
दूसरी ओर, नए अध्यक्ष त्यागराजन एसएम के सामने बिहार बोर्ड की साख और परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की बड़ी चुनौती होगी। वहीं राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में यह बहस तेज है कि यह बदलाव केवल रूटीन ट्रांसफर है या टेंडर घोटाले की बढ़ती जांच का असर।