सीतामढ़ी में लिपिक सस्पेंड, रिश्वत मांगने का आरोप; 2 साल तक फाइल रोकी
सीतामढ़ी में भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। सीतामढ़ी डीएम रिची पांडे ने भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय, सदर के लिपिक आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आलोक कुमार पर एक वाद की फाइल को करीब दो वर्षों तक लंबित रखने और आदेश जारी करने के बदले 25 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई की।
यह शिकायत एजाज अहमद ने दर्ज कराई थी, जो परिहार थाना क्षेत्र के गोरहारी गांव के निवासी हैं। शिकायत के अनुसार, वाद संख्या 1394/2024-25 से संबंधित अभिलेख को लिपिक द्वारा दो वर्षों से दबाकर रखा गया था।
25 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आदेश निर्गत कराने के लिए उनसे 25 हजार रुपये की मांग की गई थी। रकम नहीं देने पर फाइल का निष्पादन जानबूझकर रोका जा रहा था।
जिला स्थापना शाखा से जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि आलोक कुमार के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार, कार्य में लापरवाही और वरीय अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना जैसी कई शिकायतें मिल चुकी हैं।
उन पर बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली 1976 के प्रतिकूल आचरण का आरोप भी है।
जांच पूरी होने तक निलंबन
लोकहित और प्रशासनिक दृष्टिकोण से आरोपों की जांच आवश्यक मानते हुए, उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान आलोक कुमार का मुख्यालय चौरोत प्रखंड कार्यालय निर्धारित किया गया है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।