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Thursday, June 25, 2026

BIHAR:पटरी पर मौत इंतजार कर रही थी, लेकिन देवदूत बने लोको पायलट... 4 जिंदगियां बचाईं, DRM ने किया सम्मानित

समस्तीपुर रेल मंडल के लोको पायलटों ने बचाई 4 जिंदगियां, सतर्कता और सूझबूझ से टले बड़े हादसे

समस्तीपुर रेल मंडल के लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों ने अपनी सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता का अद्भुत उदाहरण पेश किया है। तीन अलग-अलग घटनाओं में रेलकर्मियों ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर एक मासूम बच्चे, दो महिलाओं और एक युवक समेत चार लोगों की जान बचा ली। सभी ने अलग-अलग कारणों से रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर आत्महत्या की कोशिश की थी।

रेलवे प्रशासन के अनुसार, हर मामले में लोको पायलटों ने असाधारण सतर्कता दिखाई। समय रहते ट्रेन रोकने के साथ ही वे ट्रैक पर उतरे और लोगों को समझा-बुझाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बाद में सभी को स्थानीय ग्रामीणों के हवाले कर दिया गया।

इन साहसिक और मानवीय कार्यों को देखते हुए समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने सभी लोको पायलटों और सहायक लोको पायलटों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

पहली घटना में मां और मासूम को बचाया

पहली घटना ढेंगे और रीगा स्टेशन के बीच हुई। रक्सौल से दरभंगा जा रही 75230 मेमू पैसेंजर ट्रेन जैसे ही उस स्थान पर पहुंची, एक महिला अपने गोद में बच्चे को लेकर रेलवे ट्रैक पर लेट गई।

लोको पायलट पंकज Kumar और सहायक लोको पायलट श्रवण कुमार शर्मा ने महिला को देखते ही तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। ट्रेन सुरक्षित दूरी पर रुक गई।

इसके बाद दोनों रेलकर्मी नीचे उतरे और महिला को ट्रैक से हटाने की कोशिश की। महिला पहले तैयार नहीं हुई। तब सहायक लोको पायलट ने बच्चे को अपनी गोद में उठा लिया। बच्चे के पीछे-पीछे महिला भी ट्रैक से हट गई। पूछताछ में महिला ने बताया कि पति द्वारा छोड़ दिए जाने से परेशान होकर वह बच्चे के साथ आत्महत्या करने आई थी।

मालगाड़ी के सामने लेटी महिला को भी बचाया

दूसरी घटना सिकटा स्टेशन के पास हुई। रक्सौल से चल रही एक मालगाड़ी के सामने एक महिला रेलवे ट्रैक पर लेटी हुई मिली।

लोको पायलट मनोज कुमार और सहायक लोको पायलट मनी भूषण कुमार ने समय रहते महिला को देख लिया। भारी-भरकम मालगाड़ी होने के बावजूद दोनों ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी और बड़ा हादसा टाल दिया।

इसके बाद दोनों ट्रैक पर पहुंचे, महिला को समझाया और सुरक्षित स्थान पर ले जाकर ग्रामीणों के हवाले कर दिया।

सिर पटरी पर रखकर लेटा युवक, फिर भी बच गई जान

तीसरी घटना 22 जून की है। ट्रेन संख्या 63346 समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन सहरसा की ओर जा रही थी। सलौना और इमली स्टेशन के बीच लोको पायलट अभय कुमार और सहायक लोको पायलट जय प्रकाश कुमार ने देखा कि करीब 25 वर्षीय एक युवक रेलवे ट्रैक पर सिर रखकर लेटा हुआ है।

स्थिति की गंभीरता समझते हुए दोनों ने तत्काल इमरजेंसी ब्रेक लगाया और ट्रेन को सुरक्षित दूरी पर रोक दिया। इसके बाद दोनों रेलकर्मी नीचे उतरे और युवक को समझाकर ट्रैक से हटाया। बाद में उसे भी ग्रामीणों के हवाले कर दिया गया।

रेलवे प्रशासन ने कहा कि ये घटनाएं साबित करती हैं कि रेलकर्मी केवल ट्रेन संचालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी मानवीय जिम्मेदारी भी पूरी निष्ठा से निभाते हैं। लोको पायलटों की सजगता, त्वरित निर्णय और संवेदनशीलता की वजह से चार लोगों की जान बचाई जा सकी।