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B.Tech युवक बना साइबर ठग, पत्नी की फर्राटेदार अंग्रेजी से फंसते थे लोग; 400 लोगों से 1 करोड़ की ठगी का खुलासा
::: "} पटना: देशभर के लोगों को साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले पति-पत्नी गिरोह का साइबर क्राइम एवं सुरक्षा इकाई और पटना साइबर थाने की टीम ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने पटना सिटी के मेहंदीगंज और कंकड़बाग के अशोकनगर वार्ड नंबर-11 में छापेमारी कर गिरोह के मास्टरमाइंड गौरव राज, उसकी पत्नी सपना कुमारी और साले निखिल कुमार को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गौरव बीटेक पास है, जबकि उसकी पत्नी सपना और साला निखिल स्नातक हैं। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि तीनों ने बिहार समेत देशभर के करीब 400 लोगों से एक करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी की है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन मोबाइल फोन, दूसरे लोगों के नाम पर बने दो आधार कार्ड, तीन एटीएम कार्ड, पांच सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया है।
गौरव कुमार नालंदा जिले के बिहारशरीफ थाना क्षेत्र के हाजीपुर गांव का रहने वाला है, जबकि निखिल कुमार पटना के अशोकनगर का निवासी है। बताया जा रहा है कि बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी नहीं मिलने पर गौरव साइबर अपराध की दुनिया में उतर गया। उसकी पत्नी सपना फर्राटेदार अंग्रेजी बोलकर लोगों को झांसे में लेती थी और फोन पर विश्वास जीतकर ठगी की वारदात को अंजाम देती थी।
बैंक अधिकारी बनकर करते थे ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य खुद को बैंक और वित्तीय संस्थानों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते थे। वे लोन दिलाने, एटीएम पिन जनरेट करने, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने और रिवॉर्ड प्वाइंट रिडीम कराने का लालच देकर ग्राहकों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद उनके खाते और कार्ड से रकम उड़ा लेते थे।
पटना साइबर थाने के डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि इस गिरोह में दो अन्य आरोपी भी शामिल हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
किराए के मकान से चल रहा था ठगी का नेटवर्क
पुलिस ने नवनीतनगर, रानीपुर मेहंदीगंज और अशोकनगर इलाके में एक साथ कार्रवाई की। जांच में पता चला कि आरोपियों ने रानीपुर, मेहंदीगंज में 10 हजार रुपये मासिक किराए पर मकान ले रखा था। यहीं से पिछले दो वर्षों से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इस गिरोह के खिलाफ करीब 400 शिकायतें दर्ज हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
- OTP, ATM PIN और बैंक खाते की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- किसी भी संदिग्ध या अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer या RustDesk जैसे रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें।
- बैंकिंग और भुगतान संबंधी ऐप केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से डाउनलोड करें।
- लोन, इनाम या किसी आकर्षक ऑफर के झांसे में न आएं।
- साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
- नजदीकी थाना या साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं। :::