वैशाली में मुखिया गिरफ्तार: सरकारी कार्य में बाधा और शराब के नशे में हंगामे का आरोप, मुखिया बोले— न्याय मांगने पर भेजा जेल
हाजीपुर/वैशाली: Hajipur जिले के Rajapakar प्रखंड अंतर्गत बखरी बरारी पंचायत के मुखिया Arshad Hussain को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उन पर शराब के नशे में सरकारी कार्यों में बाधा डालने और हंगामा करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हालांकि मुखिया अरशद हुसैन ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें बदले की भावना से निशाना बनाया गया। मुखिया के अनुसार, वे एक पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने थाना पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उल्टा उन्हें ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पूरा मामला Mahisour Police Station क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 5 जून की रात रीता देवी की कथित हत्या कर दी गई थी। मृतका के मायके वालों का आरोप है कि उसके पति Pappu Rai और ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलकर उसकी हत्या की। आरोप है कि हत्या के बाद शव को जलाकर उसके अवशेष घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में फेंक दिए गए।
घटना की जानकारी मिलने पर मृतका के मायके वाले पंचायत मुखिया अरशद हुसैन के साथ मौके पर पहुंचे। मुखिया ने पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी देते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी।
बताया जा रहा है कि 6 जून को पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद 8 जून को रीता देवी का अर्धजला शव घर से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में बरामद हुआ। शव मिलने के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो मामला इतनी गंभीर स्थिति तक नहीं पहुंचता। लोगों का कहना है कि पुलिस की लापरवाही के कारण न्याय मिलने में देरी हुई।
वहीं, Chandni Sanwariya ने बताया कि मुखिया अरशद हुसैन शराब के नशे में सरकारी कार्यों में बाधा डाल रहे थे और हंगामा कर रहे थे। इसी आधार पर उनके खिलाफ अलग से प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इधर, गिरफ्तार मुखिया अरशद हुसैन का कहना है कि वे केवल रीता देवी के परिवार को न्याय दिलाने और हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने गए थे। उनका आरोप है कि पुलिस ने असली आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही फंसा दिया, ताकि हत्या मामले में उठ रहे सवालों को दबाया जा सके।
फिलहाल रीता देवी हत्या मामले के साथ-साथ मुखिया पर दर्ज मामले की भी जांच जारी है। मुखिया की गिरफ्तारी के बाद पूरे इलाके में पुलिस की भूमिका और कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है।