जहानाबाद। असम में हुए विमान हादसे में बिहार के दो लाल बलिदान हुए हैं। इनमें एक जहानाबाद जिले के हुलासगंज बनबरिया गांव के शुभम कुमार और भोजपुर के दानिश आलम शामिल हैं।
पप्पू शर्मा के बेटे शुभम कुमार फ्लाइट लेफ्टिनेंट के पद पर भारतीय वायुसेना में कार्यरत थे। पांच साल पहले उन्होंने नौकरी ज्वाइन की थी।
इसी साल नवंबर में उनकी शादी होनी थी। एक माह पहले अपनी दादी के श्राद्धकर्म में शामिल होने गांव आए थे। यहां से वे 10 दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे।
उनके बलिदान की सूचना मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्वजन के घर पर सगे-संबंधियों, ग्रामीणों और शुभम को जानने वाले लोगों का तांता लग गया।
हर किसी की आंखें नम थीं और लोग परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे रहे। महज 25 वर्ष की आयु में देश सेवा करते हुए उनके बलिदान की खबर ने पूरे जिले को गौरवान्वित होने के साथ-साथ गहरे दुख में भी डुबो दिया है।
एनडीए में सफल होकर बने थे फ्लाइट लेफ्टिनेंट
शुभम कुमार वर्ष 2017 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) की परीक्षा उत्तीर्ण कर भारतीय वायु सेना में शामिल हुए थे। अपनी प्रतिभा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर उन्होंने कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई थी।
उनके पिता पप्पू शर्मा किसान हैं। उनके दो पुत्र थे, शुभम व सत्यम थे। ग्रामीण ने बताया कि शुभम का विवाह इसी वर्ष नवंबर माह में होना तय था और घर में इसकी तैयारियों शुरू हो गई थी।
लेकिन इस दुखद घटना ने पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। गत सात अप्रैल को दादी के निधन पर श्राद्धकर्म में शामिल होने के लिए वे गांव आए थे। करीब दस दिन पहले ही वे छुट्टी समाप्त कर अपनी ड्यूटी पर लौटे थे।
इंडियन एयरफोर्स का AN-32 विमान असम के जोरहाट एयरफाेर्स स्टेशन पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। लैंडिंग के समय यह हादसा हुआ।
इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम ने ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।