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Tuesday, June 16, 2026

BIHAR:पिता चलाते हैं ठेला, बेटी पहनेगी बिहार पुलिस की वर्दी: रजनी के संघर्ष को सलाम

जमुई। आर्थिक तंगी और अभावों के बीच ठेला चलाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाले एक पिता का सपना आखिरकार साकार हो गया। सदर प्रखंड के भजौर गांव निवासी दशरथ पासवान की पुत्री रजनी कुमारी ने बिहार पुलिस में चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव का नाम रोशन किया है।

रजनी की सफलता मेहनत, लगन और पिता के संघर्ष की ऐसी मिसाल बन गई है, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है। बताया जाता है कि दशरथ पासवान वर्षों से मजदूरी और ठेला चलाकर परिवार का खर्च उठाते रहे हैं। सीमित आय के बावजूद उन्होंने बेटी की पढ़ाई में कभी बाधा नहीं आने दी।

आर्थिक चुनौतियों के बीच भी रजनी ने अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा और कठिन परिश्रम के दम पर बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल की।

रजनी ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में दाखिला दिलाया गया, जहां उन्होंने छठी से आठवीं तक की पढ़ाई की।

इसके बाद उन्होंने लगातार अध्ययन जारी रखा। वर्ष 2024 में इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद बिहार पुलिस भर्ती परीक्षा की तैयारी शुरू की। ऑनलाइन माध्यम से तैयारी करते हुए उन्होंने दिसंबर 2025 में पीटी परीक्षा पास की और जून 2026 में मेडिकल प्रक्रिया भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली।

बेटी की उपलब्धि पर भावुक हुए दशरथ पासवान ने कहा कि मजदूरी कर बच्चों को पढ़ाया है। रास्ते में कई कठिनाइयां आईं, लेकिन आज बेटी की सफलता ने सभी संघर्षों को सार्थक कर दिया।

वहीं, रजनी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देते हुए कहा कि पिता ने कभी पढ़ाई में कमी नहीं आने दी। अब उन्हें पुलिस की वर्दी पहनने का इंतजार है।

ठेले से बैंक पहुंची बेटी

रजनी की सफलता से जुड़ा एक भावुक दृश्य भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिहार पुलिस में चयन के बाद बैंक खाता खुलवाने के लिए वह अपने माता-पिता के साथ उसी ठेला गाड़ी पर सवार होकर जमुई पहुंचीं, जिससे उनके पिता वर्षों से परिवार की आजीविका चलाते रहे हैं।

करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय कर बैंक पहुंची रजनी ने कहा कि यह ठेला उनके पिता के संघर्ष, मेहनत और त्याग का प्रतीक है।

रजनी के परिवार में एक बड़ा भाई भी है, जो स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। बेटी की सफलता से गांव में खुशी का माहौल है।

ग्रामीणों का कहना है कि रजनी ने यह साबित कर दिया है कि बुलंद हौसलों और कड़ी मेहनत के सामने गरीबी भी बाधा नहीं बन सकती। उनकी सफलता आज क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।