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Wednesday, June 17, 2026

SAHARSA:चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे प्रिंस यादव, रौशन आनंद के भाई के साथ नेपाल के होटल में उस रात क्या हुआ

सहरसा/पटना: के संचालक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई संदिग्ध मौत अब बड़ा रहस्य बन गई है। एक ओर परिवार इसे सुनियोजित हत्या बता रहा है, तो दूसरी ओर प्रिंस के साथ मौजूद दोस्तों का दावा है कि वह पिछले कुछ दिनों से भारी मानसिक तनाव में थे और अचानक तबीयत बिगड़ने के कारण उनकी मौत हुई। इस मामले ने बिहार से लेकर नेपाल तक कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर टिकी है।

कोचिंग संस्थान की मजबूत कड़ी थे प्रिंस यादव

प्रिंस यादव केवल रौशन आनंद के छोटे भाई ही नहीं, बल्कि की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ माने जाते थे। जहां रौशन आनंद अकादमिक गतिविधियों और छात्रों की पढ़ाई पर ध्यान देते थे, वहीं संस्थान के संचालन से जुड़े लगभग सभी बड़े फैसले प्रिंस संभालते थे।

नामांकन प्रक्रिया, शिक्षकों की नियुक्ति, स्टाफ पेमेंट, नए ब्रांच खोलने की रणनीति और संस्थान के विस्तार में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। बताया जाता है कि एक शाखा से तीन शाखाओं तक संस्थान को पहुंचाने में उनका बड़ा योगदान रहा। इतना ही नहीं, वह आने वाले समय में जिला परिषद चुनाव लड़ने की भी तैयारी कर रहे थे और सामाजिक स्तर पर अपनी पहचान तेजी से बना रहे थे।

विवादों के बीच नेपाल पहुंचे

सूत्रों के अनुसार हाल के दिनों में कोचिंग संस्थानों को लेकर हुए विवाद और दर्ज प्राथमिकी के बाद प्रिंस यादव काफी दबाव में थे। इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच 3 जून को वह अपने कुछ करीबी साथियों के साथ पहुंचे।

बताया जाता है कि पहले वह एक होटल में रुके, बाद में दूसरे होटल में शिफ्ट हो गए। साथ गए लोगों का कहना है कि गिरफ्तारी की आशंका, बढ़ता दबाव और लगातार तनाव के कारण प्रिंस मानसिक रूप से परेशान थे।

मौत से पहले क्या हुआ?

प्रिंस के दोस्तों के अनुसार घटना वाले दिन सब कुछ सामान्य था। उन्होंने सामान्य तरीके से खाना खाया और नियमित दवा लेकर आराम करने चले गए। उस समय उनके कुछ साथी बाहर घूमने निकल गए, जबकि दो लोग कमरे में मौजूद थे।

दोस्तों का दावा है कि कुछ देर बाद प्रिंस की सांसें असामान्य होने लगीं। स्थिति बिगड़ती देख तुरंत अन्य साथियों को बुलाया गया और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

यहीं से पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

परिवार का बड़ा आरोप— यह हत्या है

प्रिंस यादव की मौत के बाद उनके बड़े भाई रौशन आनंद ने खुलकर इसे हत्या बताया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

परिवार का कहना है कि प्रिंस पूरी तरह स्वस्थ थे और उन्हें किसी गंभीर बीमारी की जानकारी नहीं थी। ऐसे में अचानक मौत होना कई सवाल पैदा करता है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

गांव में पसरा मातम

नेपाल से जब प्रिंस यादव का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समर्थक और परिजन शामिल हुए।

गांव के लोगों का कहना है कि प्रिंस मिलनसार, सक्रिय और महत्वाकांक्षी युवा थे। कम उम्र में उन्होंने सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र में अलग पहचान बनाई थी। उनकी अचानक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।

जांच रिपोर्ट से खुलेगा सच

फिलहाल प्रिंस यादव की मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं जारी हैं, लेकिन आधिकारिक रूप से मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। अब सभी की नजर नेपाल पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य एजेंसियों की पड़ताल पर है।

सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या यह सामान्य मौत थी, किसी बीमारी का परिणाम, या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है?

जब तक जांच पूरी नहीं होती, प्रिंस यादव की मौत एक अनसुलझी पहेली बनी रहेगी।