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राशन को लेकर पति-पत्नी में विवाद, गुस्से में पति ने लोहे की रॉड से पत्नी की हत्या की; आरोपी फरार
::: औरंगाबाद। जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र के दधपा गांव में घरेलू विवाद ने खूनी रूप ले लिया। सरकारी राशन लाने को लेकर हुए विवाद में पति ने अपनी पत्नी के सिर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
मृतका की पहचान 25 वर्षीय चंचली देवी के रूप में हुई है। वह बारुण थाना क्षेत्र के पोखराही गांव की मूल निवासी थी। करीब छह वर्ष पूर्व उसकी शादी दधपा गांव निवासी सनोज मेहता से हुई थी। दंपती की दो वर्ष की एक बेटी भी है।
ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, बुधवार को सरकारी राशन उठाने को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी शुरू हुई थी। बताया जाता है कि परिवार में राशन कार्ड को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। बड़े बेटे के अलग रहने के बाद घर में एक ही राशन कार्ड से राशन लेने की व्यवस्था थी। पिछले महीने राशन सनोज मेहता ने उठाया था, जबकि इस बार वह राशन लाने से इंकार कर रहा था।
चंचली देवी लगातार पति से राशन लाने की बात कह रही थी, जिससे दोनों के बीच विवाद बढ़ता गया। देखते ही देखते बहस उग्र हो गई और गुस्से में सनोज मेहता ने घर में रखी लोहे की रॉड उठाकर पत्नी के सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने से चंचली देवी लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत बिगड़ गई।
घटना के बाद आरोपी पति ने घायल पत्नी की मदद करने के बजाय मौके से फरार होना ही उचित समझा। कुछ देर बाद परिजन और ग्रामीण कमरे में पहुंचे तो चंचली देवी को खून से लथपथ हालत में पाया। आनन-फानन में उसे इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही कुटुंबा थानाध्यक्ष मो. इमरान आलम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से खून से सनी लोहे की रॉड बरामद की है, जिसका इस्तेमाल हत्या में किए जाने की आशंका है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर बाद में परिजनों को सौंप दिया गया।
थानाध्यक्ष मो. इमरान आलम ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होगी। वहीं आरोपी पति की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
घटना के बाद मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। :::