बेगूसराय गैंगरेप कांड में बड़ा एक्शन, थानाध्यक्ष सस्पेंड; पीड़िता के शरीर से कारतूस और लकड़ी मिलने से सनसनी
बिहार के बेगूसराय में महिला से सामूहिक दुष्कर्म के बेहद सनसनीखेज मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन हुआ है। बेगूसराय रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार सिन्हा ने चकिया थाना अध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। आरोप है कि पीड़िता जब शिकायत लेकर थाने पहुंची थी, तब उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया और समय रहते कार्रवाई भी नहीं की गई।
शुक्रवार को डीआईजी स्वयं सदर अस्पताल पहुंचे और पीड़िता व उसके परिजनों से मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी ली। इस दौरान पुलिस की शुरुआती लापरवाही को लेकर भी सवाल उठे। मामले ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल में जांच के दौरान डॉक्टरों ने पीड़िता के प्राइवेट पार्ट से कारतूस और लकड़ी का टुकड़ा निकाला। इस खुलासे के बाद मामला और भी गंभीर हो गया। डॉक्टरों के अनुसार महिला को गंभीर अंदरूनी चोटें पहुंची हैं और उसका इलाज जारी है।
बीजेपी नेता बोले— अपराधियों का एनकाउंटर होगा
इस मामले पर भाजपा नेता और अधिवक्ता अमरेंद्र कुमार अमर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह परिवार पहले भी अपराधियों के निशाने पर रहा है। छिनतई और छेड़खानी की दो पुरानी घटनाओं में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई और मामूली धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों को थाने से ही बेल मिल गई।
उन्होंने कहा कि पुलिस की लापरवाही ने अपराधियों का मनोबल बढ़ाया, जिसका नतीजा यह भयावह गैंगरेप है। उनका दावा है कि मौजूदा सख्त प्रशासन में अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में शामिल सभी आरोपियों पर कठोर कार्रवाई होगी।
ऐसे हुई गैंगरेप की पूरी वारदात
पीड़िता के अनुसार, 11 जून की रात करीब 11:30 बजे वह शौच के लिए घर से बाहर गई थी। उसी दौरान पांच बदमाश उसके घर के पास पहले से घात लगाकर बैठे थे। आरोपियों ने पहले उसके पति के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया ताकि कोई मदद न कर सके।
जैसे ही महिला वापस लौटी, बदमाशों ने उसे पकड़ लिया। उसकी साड़ी खोलकर मुंह बांध दिया और ब्लाउज फाड़कर हाथ बांध दिए। जब उसने चिल्लाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी।
इसके बाद सभी आरोपी उसे उठाकर अंधेरे स्थान पर ले गए, जहां पांचों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता लगातार छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी।
महिला ने आरोप लगाया कि दुष्कर्म के दौरान बदमाशों ने उसके साथ बर्बरता की हद पार कर दी। ब्लेड से उसकी छाती और जांघों पर हमला किया गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसे घर के भीतर फेंककर फरार हो गए।
पति कमरे में बंद था, देवरानी ने बचाया
घटना के दौरान पीड़िता का पति कमरे में बंद था। महिला की चीख सुनकर उसने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा बाहर से बंद था। बाद में उसने अपनी छोटी देवरानी को फोन किया। देवरानी मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोलकर उसे बाहर निकाला।
इसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचना दी और पीड़िता को पहले बरौनी अस्पताल, फिर बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया।
पहले डिस्चार्ज, फिर दर्द बढ़ने पर हुआ बड़ा खुलासा
पीड़िता ने बताया कि 12 जून को अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसी दिन शाम में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। लेकिन प्राइवेट पार्ट में दर्द लगातार बना रहा। दर्द असहनीय होने पर 17 जून को वह दोबारा सदर अस्पताल पहुंची।
दोबारा जांच के दौरान डॉक्टरों को अंदर कारतूस, पत्थर और लकड़ी जैसी वस्तुएं दिखाई दीं। इसके बाद चिकित्सकीय प्रक्रिया के जरिए इन्हें बाहर निकाला गया। इस खुलासे ने मेडिकल टीम को भी हैरान कर दिया।
डॉक्टर अखिलेश कुमार ने बताया कि पहली बार दर्द को सामान्य रेप ट्रॉमा समझा गया था, लेकिन दूसरी जांच में गंभीर अंदरूनी चोट और बाहरी वस्तुएं मिलने की पुष्टि हुई।
तीन महीने पहले भी हुई थी वारदात
पीड़िता ने यह भी खुलासा किया कि करीब तीन महीने पहले भी तीन बदमाश उसके घर में घुसे थे। उस समय उन्होंने दुष्कर्म की कोशिश की, मारपीट की और घर में रखे पैसे व जेवर लूटकर फरार हो गए थे।
परिवार का आरोप है कि उस घटना में भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पीड़िता एक बच्चे की मां है, जबकि उसका पति मजदूरी कर परिवार चलाता है। आरोपियों के मोहल्ले के ही रहने की बात सामने आई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इस घटना ने कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।