नेपाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। प्रिंस के साथ होटल में रुके सहरसा के चार दोस्तों को भी पुलिस ने हिरासत में रखा हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई, तो विसरा जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। विसरा रिपोर्ट आने में कुछ दिनों का समय लग सकता है। चारों दोस्त 28 दिनों तक नेपाल पुलिस की कस्टडी में रहेंगे।
प्रिंस यादव की संदिग्ध मौत का मामला समय के साथ और अधिक संवेदनशील एवं चर्चित होता जा रहा है। बिहार की राजधानी पटना से लेकर सीमांचल सहित पड़ोसी देश नेपाल के तराई क्षेत्र में इस मामले को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। नेपाल पुलिस अब इस प्रकरण की तह तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मृतक के दोस्तों के बयानों को भी जांच का महत्वपूर्ण आधार मान रही है।
प्रिंस यादव की मौत पर नेपाल पुलिस क्या बोली?
नेपाल के मोरंग जिले के विराटनगर डीएसपी संतोष श्रेष्ठ ने गुरुवार को बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पोस्टमार्टम के बाद मृतक का विसरा सुरक्षित रखकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया है। इसके अलावा होटल के कमरे से बरामद दवाइयों, टेबलेट, खाद्य सामग्री और अन्य संदिग्ध वस्तुओं को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस को उम्मीद है कि वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट से कई महत्वपूर्ण सवालों का जवाब मिल सकता है।
प्रिंस के दोस्तों से हो रही सघन पूछताछ
इधर, प्रिंस के साथ होटल में मौजूद रहे चारों दोस्तों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत करीब 28 दिनों तक पुलिस हिरासत में रखकर पूछताछ की जा रही है। विभिन्न स्तर के पुलिस अधिकारी अलग-अलग शिफ्ट में उनसे पूछताछ कर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले होटल में क्या-क्या हुआ था, प्रिंस की तबीयत अचानक कैसे बिगड़ी और मौत से पहले के अंतिम घंटों में कौन-कौन लोग उनके संपर्क में थे।
जल्दबाजी में नहीं नेपाल पुलिस
डीएसपी संतोष श्रेष्ठ ने कहा कि पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने की जल्दबाजी में नहीं है। दोस्तों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और विसरा जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
खान सर और रौशन सर के समर्थक भी नजर बना रहे
उधर, इस बहुचर्चित प्रकरण पर दोनों पक्षों के समर्थक भी लगातार अप्रत्यक्ष रूप से सक्रिय हैं। प्रिंस के बड़े भाई एवं ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संस्थापक रौशन आनंद के समर्थक जहां जांच की हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं फैजल खान उर्फ खान सर के समर्थक भी मामले से जुड़ी पल-पल की जानकारी जुटा रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक इस घटना को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
मृतक के परिजन और समर्थकों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर सच्चाई को जल्द सामने लाया जाए। अब सभी की निगाहें विसरा जांच रिपोर्ट और पुलिस पूछताछ के निष्कर्षों पर टिकी हैं, जिनसे प्रिंस यादव की मौत के रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद जताई जा रही है। यह अब भी स्पष्ट है कि प्रिंस यादव की मौत का राज कब तक खुलेगा, लेकिन माना जा रहा है कि खुलासा होने में कुछ दिनों का समय जरूर लगने वाला है।