पूर्णिया में ASI के सहयोगी पर रिश्वत मांगने का आरोप: ₹3 हजार लेने का वीडियो वायरल, जांच शुरू
पूर्णिया। पूर्णिया जिले के केनगर थाना क्षेत्र से भ्रष्टाचार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मारपीट के एक मामले की जांच करने पहुंचे केनगर थाना के सहायक अवर निरीक्षक (ASI) निरंजन कुमार के कथित सहयोगी पर पीड़ित परिवार से ₹3 हजार रिश्वत मांगने और लेने का आरोप लगा है। इस मामले का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पीड़ित परिवार ने इस मामले को लेकर 16 जून को थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मारपीट मामले की जांच के दौरान रिश्वत मांगने का आरोप
जानकारी के अनुसार, केनगर थाना क्षेत्र के गणेशपुर नया टोला निवासी मिथुन कुमार गोस्वामी और अनिल मंडल के बीच कुछ दिन पहले मारपीट की घटना हुई थी। इस संबंध में थाना में आवेदन दिया गया था।
मामले की जांच के लिए एएसआई निरंजन कुमार अपने एक सहयोगी और कथित दलाल चंदन साह के साथ गणेशपुर वार्ड-18 स्थित नया टोला पहुंचे थे। आरोप है कि जांच के दौरान ही एएसआई के बाइक चालक और कथित दलाल चंदन साह ने पीड़ित अनिल मंडल से केस को रफा-दफा करने अथवा मदद करने के नाम पर ₹3,000 की मांग की।
वायरल वीडियो में पैसों की डील का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित तौर पर देखा जा सकता है कि एक तरफ एएसआई निरंजन कुमार ग्रामीणों और पीड़ित परिवार से पूछताछ कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर उनका सहयोगी पैसों की बातचीत करता नजर आ रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
ASI ने आरोपों से किया इनकार
एएसआई निरंजन कुमार ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वह केवल मारपीट के मामले की जांच के लिए मौके पर गए थे और उन्होंने किसी प्रकार का कोई पैसा नहीं लिया।
हालांकि, वायरल वीडियो ने मामले को गंभीर बना दिया है और जांच की मांग तेज हो गई है।
थाना प्रभारी बोले—वीडियो का सत्यापन जारी
इस मामले पर नगर थाना प्रभारी अजय कुमार ने कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है और उसका सत्यापन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एएसआई से भी बातचीत की गई है तथा पूरी जानकारी वरीय अधिकारियों को भेजी जाएगी।
वहीं सदर एसडीपीओ-2 डॉ. गौरव कुमार ने कहा कि वीडियो वायरल होने की सूचना मिली है। फिलहाल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी है। यदि वीडियो और आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण बन सकता है।