मधेपुरा में आवास योजना में घूसखोरी पर बड़ी कार्रवाई: ₹500 अवैध वसूली के आरोप में आवास सहायक बर्खास्त
मधेपुरा। शंकरपुर प्रखंड की मौरा कवियाही ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना के तहत लाभुकों से अवैध वसूली के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्रामीण आवास सहायक टुनटुन मंडल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर घूसखोरी का वीडियो वायरल होने और प्रशासनिक जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद की गई।
वायरल वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आया
आरोप था कि मौरा कवियाही पंचायत के वार्ड नंबर-03 में प्रधानमंत्री आवास प्लस योजना के तहत योग्य परिवारों के सर्वे और नाम सत्यापन के दौरान आवास सहायक टुनटुन मंडल, स्थानीय वार्ड सदस्य के साथ मिलकर प्रत्येक लाभुक से ₹500 की अवैध राशि वसूल रहे थे।
घूसखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू की।
जांच में लाभुकों ने लगाए गंभीर आरोप
मामले की गंभीरता को देखते हुए DRDA के निदेशक (लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन) स्वयं गांव पहुंचे और जमीनी जांच की। जांच के दौरान कई लाभुकों ने कैमरे पर बयान देकर वसूली की पुष्टि की।
सुनील कुमार, शंभू यादव, हरियर देवी, पवन देवी और उषा देवी समेत कई पीड़ितों ने बताया कि नाम सत्यापन कराने के बदले उनसे ₹500 लिए गए थे।
जांच में सामने आए वीडियो साक्ष्यों से भी स्पष्ट हुआ कि पैसे वार्ड सदस्य के हाथ में जा रहे थे और आवास सहायक की इसमें कथित रूप से पूरी मिलीभगत थी।
आवास सहायक ने दी सफाई
कार्रवाई से पहले प्रशासन ने आवास सहायक टुनटुन मंडल से स्पष्टीकरण मांगा था। अपने बचाव में उन्होंने कहा कि चुनावी रंजिश के कारण पूर्व मुखिया के दबाव का विरोध करने पर उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया।
उन्होंने दावा किया कि उनका ‘हंसी-मजाक’ वाला वीडियो बनाकर वायरल किया गया और उनसे ₹3 लाख रंगदारी भी मांगी गई थी।
प्रशासन ने बचाव को किया खारिज
प्रशासन ने टुनटुन मंडल की दलीलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। अधिकारियों ने सवाल उठाया कि यदि उन पर वास्तव में दबाव बनाया जा रहा था, तो उन्होंने इसकी जानकारी अपने वरीय अधिकारियों को क्यों नहीं दी।
उप विकास आयुक्त (DDC) मधेपुरा ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि आवास सहायक का आचरण घोर लापरवाही, कर्त्तव्यहीनता और सरकारी सेवा की मर्यादा के खिलाफ है।
अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द
बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसायटी के नियमों के तहत टुनटुन मंडल का अनुबंध तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। हालांकि उन्हें इस आदेश के खिलाफ 30 दिनों के भीतर जिला पदाधिकारी के समक्ष अपील करने का अधिकार दिया गया है।
इस कार्रवाई के बाद आवास योजना में सक्रिय बिचौलियों और दलालों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि योजनाओं में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।