पूर्णिया (मीरगंज)। बिहार के पूर्णिया जिले से मानव तस्करी और धोखे से महिला का सौदा करने का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। मीरगंज थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपनी ही सगी मौसी समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, मानव तस्करी (Human Trafficking) और जबरन दूसरी शादी कराने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पीड़िता का आरोप है कि उसे बहला-फुसलाकर गुजरात ले जाया गया और वहां दो लाख रुपये में बेचकर उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शादी करा दी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता की मौसी सुलेखा देवी और उसकी गोतनी किरण देवी को गिरफ्तार कर लिया है।
छठी के कार्यक्रम में मायके आई थी पीड़िता, मौसी ने बुना जाल
पुलिस को दिए आवेदन में दो बच्चों की मां (पीड़िता) ने बताया कि वह अपने पति और बच्चों के साथ खुशी-खुशी रह रही थी। करीब दो महीने पहले वह अपनी मौसी सुलेखा देवी के घर एक बच्चे के छठी के कार्यक्रम में शामिल होने आई थी और कुछ दिनों के लिए वहीं रुक गई थी। इसी दौरान गत 31 मई को मौसी सुलेखा देवी, उसकी गोतनी किरण देवी, मीना देवी उर्फ वीणा देवी और उनके एक परिचित मुकेश ने उसे गुजरात घूमने का लालच दिया।
इन 6 आरोपियों पर दर्ज हुआ मुकदमा:
सुलेखा देवी (मौसी - गिरफ्तार)
किरण देवी (मौसी की गोतनी - गिरफ्तार)
मीना देवी उर्फ वीणा देवी (फरार)
मुकेश (फरार)
संजय (फरार)
रमेश (गुजरात निवासी, कथित खरीदार)
गुजरात पहुंचते ही रमेश से करा दी जबरन शादी
पीड़िता के अनुसार, जैसे ही वे लोग गुजरात पहुंचे, वहां पहले से मौजूद रमेश नामक व्यक्ति के साथ उसकी जबरन शादी कराने की कोशिश की जाने लगी। इस दौरान वहां संजय नामक एक और शख्स मौजूद था, जो मीना देवी का परिचित था। पीड़िता ने इस शादी का पुरजोर विरोध किया और अपने पति-बच्चों का हवाला दिया, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी और जबरन उसकी शादी रमेश से करा दी।
'दूसरे पति' के मोबाइल से खुला ₹2 लाख के सौदे का राज
शादी के बाद जब पीड़िता ने रोना-धोना शुरू किया, तो कथित दूसरे पति रमेश ने जो खुलासा किया, उससे महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई। रमेश ने बताया कि उसकी मौसी सुलेखा देवी, किरण देवी, मीना, मुकेश और संजय ने मिलकर उसे दो लाख रुपये में खरीदा है, इसलिए अब उसे यहीं रहना होगा।
इसके बाद पीड़िता ने सूझबूझ दिखाई और किसी तरह रमेश के सो जाने के बाद उसके मोबाइल से अपनी मां और परिजनों को इस पूरी आपबीती की जानकारी दी। हंगामा बढ़ता देख रमेश ने घबराकर संजय नाम के आरोपी के साथ महिला को वापस बिहार के लिए ट्रेन से भेज दिया। कटिहार जंक्शन पहुंचते ही संजय वहां से भाग निकला, जिसके बाद पीड़िता सीधे मीरगंज थाने पहुंची और पुलिस को पूरी कहानी बताई।
यह मामला बेहद गंभीर है। गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच से साफ है कि यह शादी के बहाने मानव तस्करी करने वाला एक संगठित नेटवर्क (Organized Gang) है, जो बिहार से बाहर महिलाओं का सौदा करता है। इस कांड में संलिप्त अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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संदीप गोल्डी, एसडीपीओ, धमदाहा (पूर्णिया)।