सुपौल: जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सुपौल सदर अनुमंडल को नए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के रूप में राजीव रंजन मिले हैं। 2018 बैच के तेजतर्रार पुलिस अधिकारी राजीव रंजन ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। पदभार संभालते ही उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अपराध नियंत्रण उनकी पहली प्राथमिकता होगी और अपराधियों के खिलाफ सख्त एवं विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
STF में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी
बताया जाता है कि सुपौल आने से पहले राजीव रंजन स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) में पदस्थापित थे। वहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों और विशेष अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई थी। अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले अधिकारी के आगमन से जिले की पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।
कानून-व्यवस्था मजबूत करना पहली प्राथमिकता
पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में एसडीपीओ राजीव रंजन ने कहा कि अनुमंडल क्षेत्र में विधि-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना, अपराध पर नियंत्रण, लंबे समय से फरार और वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी, लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन तथा पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस गश्ती व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। खासकर रात्रि गश्ती और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए चलेगा अभियान
नए एसडीपीओ ने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज और पुलिस के संयुक्त प्रयास से ही अपराध और नशे पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
अपराधियों को दी सख्त चेतावनी
राजीव रंजन ने अपराधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, “अपराधी या तो अपराध छोड़ दें, नहीं तो जिला छोड़ दें। कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तय है।”
उन्होंने आम लोगों से पुलिस का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास और संवाद जितना मजबूत होगा, अपराध नियंत्रण उतना ही प्रभावी होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से सुना जाएगा और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।