स्मैक केस में लापरवाही पर सदर थानाध्यक्ष लाइन हाजिर
चार्जशीट समय पर दाखिल नहीं होने से आरोपी को मिली राहत, एसपी ने की सख्त कार्रवाई
पूर्णिया: स्मैक तस्करी के एक गंभीर मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कड़ा एक्शन लेते हुए सदर थाना प्रभारी अजय कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। समय पर आरोप-पत्र दाखिल नहीं करने के कारण आरोपी को न्यायिक हिरासत से रिहाई मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई।
नए थानाध्यक्ष की हुई तैनाती
मिली जानकारी के अनुसार, अजय कुमार के स्थान पर सरसी थाना प्रभारी राजू कुमार को सदर थाना की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
221.79 ग्राम स्मैक के साथ हुई थी गिरफ्तारी
मामला 17 फरवरी 2026 का है, जब सदर थाना क्षेत्र के जीरोमाइल, गुलाबबाग में पुलिस ने छापेमारी कर 221.79 ग्राम स्मैक के साथ मोहम्मद राजा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
60 दिन में चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य
एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तारी के 60 दिनों के भीतर न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल करना जरूरी होता है। लेकिन सदर थाना प्रभारी अजय कुमार और अनुसंधानकर्ता प्रभाष कुमार पाण्डेय की लापरवाही के कारण यह समयसीमा पूरी नहीं हो सकी।
आरोपी को मिला कानूनी लाभ
समयसीमा पूरी नहीं होने का लाभ उठाते हुए आरोपी ने न्यायालय में आवेदन दिया। इसके बाद निर्धारित अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं होने के आधार पर अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा से मुक्त करने का आदेश दे दिया।
विभागीय कार्रवाई शुरू
एसपी ने अपने आदेश में कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक बरामद होने के बावजूद आरोप-पत्र दाखिल न करना गंभीर लापरवाही है। इस मामले में अजय कुमार और प्रभाष कुमार पाण्डेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है और दोनों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसपी ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही या अपराधियों को लाभ पहुंचाने वाले अधिकारियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।