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Sunday, May 17, 2026

NEWS DESK:मधेपुरा-सहरसा के दो शिक्षित परिवारों ने पेश की मिसाल, बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में हुआ सादगीपूर्ण दहेजमुक्त विवाह

मधेपुरा-सहरसा के दो शिक्षित परिवारों ने पेश की मिसाल, बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में हुआ सादगीपूर्ण दहेजमुक्त विवाह

मधेपुरा से कोशी लाइव की रिपोर्ट:
आज के आधुनिक दौर में जहां शादियां भव्य सजावट, महंगे टेंट, कैटरिंग और लाखों रुपये की फिजूलखर्ची का माध्यम बनती जा रही हैं, वहीं मधेपुरा और सहरसा के दो उच्च शिक्षित परिवारों ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। दोनों परिवारों ने बिना दहेज और बिना किसी तामझाम के सादगीपूर्ण विवाह संपन्न कर यह साबित कर दिया कि रिश्तों की मजबूती दिखावे से नहीं, बल्कि संस्कार और आपसी समझ से बनती है।

यह आदर्श विवाह मधेपुरा जिले के प्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। विवाह समारोह में दोनों परिवारों के करीबी सदस्य और चुनिंदा रिश्तेदार ही मौजूद रहे।

उच्च शिक्षित हैं वर-वधू

इस प्रेरणादायक विवाह के केंद्र में रहे दूल्हा-दुल्हन दोनों ही शिक्षा जगत से जुड़े हुए हैं और समाज में शिक्षित युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

दुल्हन स्वाति प्रिया बीपी मंडल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, मधेपुरा में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। वह मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड स्थित खाड़ी गांव निवासी भूपेंद्र नारायण यादव एवं ललिता यादव की पुत्री हैं। स्वाति अपने परिवार में तीन बहनों और एक भाई में सबसे छोटी हैं।

वहीं दूल्हा डॉ. सुमंत राव उर्फ बबलू सम्राट भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) के अंतर्गत राजेंद्र मिश्र महाविद्यालय, सहरसा में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। वह सहरसा जिले के सौरबाजार प्रखंड के चंदौर गांव निवासी अवकाश प्राप्त शिक्षक दिवंगत बालकृष्ण यादव के पुत्र हैं तथा अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे हैं।

शादी में नहीं हुआ कोई दिखावा

विवाह समारोह की सबसे बड़ी खासियत इसकी सादगी रही। न कोई भव्य टेंट लगाया गया, न ही महंगे कैटरिंग और सजावट पर अनावश्यक खर्च किया गया। मंदिर परिसर में बेहद शांत और पारंपरिक माहौल में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न कराया गया।

दोनों परिवारों ने साफ संदेश दिया कि शादी दो दिलों और दो परिवारों का पवित्र मिलन है, न कि आर्थिक प्रदर्शन का मंच। आज जब समाज में दहेज और दिखावे की प्रवृत्ति लगातार बढ़ रही है, ऐसे समय में यह विवाह लोगों के लिए सकारात्मक सोच का उदाहरण बनकर सामने आया है।

शिक्षित परिवारों की पहल बनी चर्चा का विषय

इस विवाह की चर्चा अब पूरे कोसी क्षेत्र में हो रही है। सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यदि शिक्षित और सक्षम परिवार इस तरह आगे आएं, तो समाज में फैली दहेज जैसी कुरीतियों को खत्म करने में बड़ी मदद मिल सकती है।

स्वाति प्रिया के बड़े जीजाजी संदीप यादव युवा राजद के प्रदेश महासचिव हैं, जबकि उनकी बड़ी बहन प्रेमलता भूपाश्री पटना साइबर थाना में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। परिवार के सदस्यों ने कहा कि समाज में बदलाव की शुरुआत घर से होती है और यदि पढ़े-लिखे लोग आगे बढ़कर उदाहरण प्रस्तुत करें, तो नई पीढ़ी को सही दिशा मिल सकती है।

स्थानीय बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने भी इस विवाह को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि बिना दहेज और बिना फिजूलखर्ची के संपन्न हुआ यह विवाह आने वाले समय में युवाओं और अभिभावकों के लिए मार्गदर्शक साबित होगा।