मधेपुरा में पुल ढहा, साहूगढ़ की लाइफलाइन टूटी: संपर्क बाधित, मरीजों और स्कूली बच्चों पर संकट
मधेपुरा से रिपोर्ट:
सदर प्रखंड के साहूगढ़ में विकास के दावों के बीच एक बड़ी आबादी की लाइफलाइन पूरी तरह चरमरा गई है। वर्षों से जर्जर हालत में खड़ा पुराना पुल शुक्रवार की देर रात एक भारी वाहन के गुजरने के कारण पूरी तरह ध्वस्त हो गया। पुल के टूटते ही इलाके का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट गया है।
आवागमन ठप, ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
पुल ढहने के बाद इस मार्ग पर छोटे-बड़े सभी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। स्थानीय लोगों को अब लंबा चक्कर लगाकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
मरीजों और स्कूली बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
पुल टूटने का सबसे गंभीर असर स्कूली बच्चों और बीमार मरीजों पर पड़ा है। एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल पहुंचने में भारी दिक्कत हो रही है, जिससे गंभीर मरीजों की जान पर भी खतरा मंडरा रहा है।
विभाग के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि पुल लंबे समय से जर्जर था, लेकिन विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। केवल चेतावनी बोर्ड लगाकर औपचारिकता पूरी कर दी गई, जबकि वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई।
धीमी रफ्तार से चल रहा नए पुल का निर्माण
बताया जा रहा है कि नए पुल का निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है। इसी वजह से पुराने पुल पर लगातार दबाव बना रहा, जो अंततः हादसे का कारण बना।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
पुल के पिलर में दरार और धंसाव पहले से ही दिख रहा था। इसके बावजूद आवाजाही जारी रही, जिससे अब स्थिति पूरी तरह खतरनाक हो गई है।
मांग:
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करने और नए पुल के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है, ताकि जनजीवन जल्द सामान्य हो सके।