Kosi Live-कोशी लाइव KHAGARIA:वायुसेना अधिकारी के बेटे ने बढ़ाया जिले का मान, भारतीय थल सेना में कैप्टन बने डॉ. प्रियदर्शन कुमार - Kosi Live-कोशी लाइव

KOSILIVE BREAKING NEWS

Thursday, May 7, 2026

KHAGARIA:वायुसेना अधिकारी के बेटे ने बढ़ाया जिले का मान, भारतीय थल सेना में कैप्टन बने डॉ. प्रियदर्शन कुमार

वायुसेना अधिकारी के बेटे ने बढ़ाया जिले का मान, भारतीय थल सेना में कैप्टन बने डॉ. प्रियदर्शन कुमार

मिलिट्री अस्पताल रांची में आयोजित समारोह में मिला सम्मान, क्षेत्र में खुशी की लहर

परबत्ता. बिहार की मिट्टी ने एक बार फिर देश को एक जांबाज सैन्य अधिकारी दिया है। परबत्ता प्रखंड के सिराजपुर निवासी डॉ. प्रियदर्शन कुमार भारतीय थल सेना में कैप्टन बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार, बल्कि पूरे जिले में गर्व और खुशी का माहौल है।

Loading advertisement...

डॉ. प्रियदर्शन कुमार की सफलता को लेकर गांव और आसपास के क्षेत्रों में बधाइयों का दौर जारी है। लोगों का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से पूरे इलाके का नाम रोशन किया है।

सैन्य परिवार की परंपरा को दी नई ऊंचाई

डॉ. प्रियदर्शन के पिता मुकेश चौधरी भारतीय वायुसेना में वारंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। बचपन से ही घर में देशभक्ति और अनुशासन का माहौल मिलने के कारण प्रियदर्शन के मन में भी देश सेवा की भावना विकसित हुई।

उनकी माता नीलम देवी ने बेटे की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उसकी कड़ी मेहनत, लगन और समर्पण का परिणाम है।

कर्नाटक से पूरी की मेडिकल शिक्षा

डॉ. प्रियदर्शन ने प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद कर्नाटक से डॉक्टरी की पढ़ाई की। डॉक्टर बनने के बाद उन्होंने सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (Armed Forces Medical Services) की कठिन परीक्षा पास की और भारतीय थल सेना में अधिकारी बनने का गौरव हासिल किया।

इस सफलता के बाद उन्हें भारतीय सेना में कैप्टन के पद पर नियुक्त किया गया है।

कमीशनिंग समारोह में भावुक हुआ माहौल

रांची स्थित में आयोजित गरिमामय कमीशनिंग समारोह के दौरान डॉ. प्रियदर्शन कुमार को आधिकारिक रूप से कैप्टन की रैंक प्रदान की गई।

इस विशेष मौके पर उनके पिता वारंट ऑफिसर मुकेश चौधरी और माता नीलम देवी ने स्वयं बेटे के कंधों पर सेना के सितारे लगाए। यह भावुक क्षण वहां मौजूद सभी लोगों के लिए गर्व और सम्मान का विषय बन गया।

युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत

जैसे ही डॉ. प्रियदर्शन के कैप्टन बनने की खबर सिराजपुर गांव पहुंची, ग्रामीणों और शुभचिंतकों का तांता लग गया। लोगों ने कहा कि उन्होंने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

ग्रामीणों के अनुसार डॉ. प्रियदर्शन की यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और उन्हें देश सेवा के लिए प्रोत्साहित करेगी।