भागलपुर पुलिस महकमे में उस समय हड़कंप मच गया जब शाहकुंड थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल कुमार साव का एक महिला आवेदक के साथ कथित आपत्तिजनक बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्वी क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने तत्काल प्रभाव से अनिल कुमार साव को निलंबित कर दिया है।
पुलिस मुख्यालय ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि वर्दी की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और विभाग “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम करेगा।
सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो से मचा बवाल
पूरा मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर शाहकुंड थानाध्यक्ष और एक महिला के बीच कथित बातचीत का ऑडियो वायरल होने लगा। वायरल ऑडियो के साथ एक लिखित शिकायत पत्र भी तेजी से प्रसारित किया जा रहा था, जिसमें थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रमोद यादव ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जांच का जिम्मा नगर पुलिस अधीक्षक (सिटी एसपी) को सौंप दिया।
जांच में सामने आई अमर्यादित बातचीत की पुष्टि
सिटी एसपी द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह स्पष्ट हुआ कि थानाध्यक्ष अनिल कुमार साव ने अपने निजी मोबाइल नंबर से महिला आवेदक को कई बार ऑडियो और वीडियो कॉल किए थे। जांच रिपोर्ट के अनुसार बातचीत के दौरान उन्होंने पुलिस पद की गरिमा के विपरीत अमर्यादित और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
जांच प्रतिवेदन में कहा गया कि थानाध्यक्ष का आचरण पुलिस विभाग की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने वाला और अनुशासनहीनता को दर्शाने वाला है। रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने कड़ी अनुशंसा करते हुए कार्रवाई की सिफारिश की, जिसके बाद आईजी कार्यालय ने निलंबन आदेश जारी कर दिया।
महिला ने शिकायत पत्र से किया किनारा
जांच के दौरान मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब पुलिस ने महिला और संबंधित पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बयान दर्ज किया। महिला ने वायरल शिकायत पत्र में लगाए गए कई गंभीर आरोपों से इनकार कर दिया।
महिला ने पुलिस को बताया कि उसका किसी प्रकार का शारीरिक या मानसिक शोषण नहीं हुआ था। उसने कहा कि वह केवल फोन पर सामान्य बातचीत करती थी। महिला के अनुसार किसी बाहरी व्यक्ति ने चालाकी से सादे कागज पर उसका अंगूठा लगवा लिया और बाद में उसी पर मनगढ़ंत आरोप लिखकर शिकायत पत्र तैयार कर वायरल कर दिया।
हालांकि महिला के बयान के बावजूद जांच में यह पुष्टि हुई कि थानाध्यक्ष द्वारा महिला से अमर्यादित तरीके से बातचीत की गई थी, जिसे पुलिस विभाग ने गंभीर कदाचार माना।
निलंबन अवधि में पुलिस लाइंस रहेगा मुख्यालय
आईजी पूर्वी क्षेत्र द्वारा जारी आदेश के तहत अनिल कुमार साव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें केवल नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता ही मिलेगा।
इसके साथ ही उनका मुख्यालय पुलिस लाइन भागलपुर निर्धारित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के वे पुलिस लाइन परिसर से बाहर नहीं जा सकेंगे और उन्हें नियमित हाजिरी देनी होगी।
फर्जी शिकायत तैयार करने वालों की भी होगी जांच
सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस दो अलग-अलग पहलुओं पर कार्रवाई कर रही है। एक तरफ महिला से अमर्यादित बातचीत करने के आरोप में थानाध्यक्ष को दंडित किया गया है, वहीं दूसरी ओर फर्जी शिकायत पत्र तैयार कर वायरल करने वालों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस की तकनीकी टीम और जांच एजेंसियां उस व्यक्ति की पहचान में जुटी हैं जिसने महिला के अंगूठे का इस्तेमाल कर कथित फर्जी आवेदन तैयार किया। पुलिस का कहना है कि यदि किसी ने जालसाजी और सरकारी तंत्र को गुमराह करने का प्रयास किया है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।