रिश्वतखोर हेड क्लर्क की गिरफ्तारी के पीछे एएनएम राजनंदनी का संघर्ष, वेतन के लिए गिरवी रखनी पड़ी जमीन
महीनों से बकाया वेतन के लिए काट रही थीं दफ्तरों के चक्कर, निगरानी विभाग में शिकायत के बाद खुला मामला
जमुई जिले के सोनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में हेड क्लर्क की गिरफ्तारी के पीछे एएनएम राजनंदनी की हिम्मत और संघर्ष की कहानी सामने आई है। महीनों से बकाया वेतन के लिए परेशान राजनंदनी ने रिश्वत की मांग से तंग आकर निगरानी विभाग का सहारा लिया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
राजनंदनी ने बताया कि वह अपने परिवार की इकलौती कमाने वाली सदस्य हैं। लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई थी। घर चलाने के लिए उन्हें अपनी जमीन तक गिरवी रखनी पड़ी।
वेतन जारी करने के नाम पर मांगी जा रही थी रिश्वत
पीड़िता के अनुसार, बकाया वेतन जारी कराने के एवज में सीएचसी के हेड क्लर्क रूपेश कुमार द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी। लगातार दबाव और आर्थिक तंगी के बावजूद वह शुरुआत में डर और संकोच के कारण खुलकर विरोध नहीं कर पा रही थीं।
हालांकि जब रिश्वत की मांग लगातार बढ़ती गई, तब उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया और निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
गोपनीय कार्रवाई में रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
राजनंदनी की शिकायत के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले की गोपनीय जांच शुरू की। योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए शुक्रवार को आरोपी हेड क्लर्क रूपेश कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय क्षेत्र में मामले की व्यापक चर्चा हो रही है।
लोगों ने कहा- भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे कर्मचारी और स्वास्थ्यकर्मी अक्सर वेतन भुगतान के लिए दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर शिकायत करने की हिम्मत बहुत कम लोग जुटा पाते हैं।
ऐसे में एएनएम राजनंदनी का कदम न सिर्फ साहसिक है, बल्कि यह भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश भी माना जा रहा है।