किशनगंज में पिकेट प्रभारी निलंबित, जब्त ट्रैक्टर छोड़ने और बिचौलियों से सांठगांठ का आरोप
नियमों की अनदेखी कर वाहनों को मुक्त करने पर एसपी की बड़ी कार्रवाई
किशनगंज के पुलिस अधीक्षक ने छत्तरगाछ पिकेट प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक रामबहादुर शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर जब्त ट्रैक्टरों को नियमों का उल्लंघन कर छोड़ने तथा बिचौलियों से सांठगांठ कर गंभीर अनियमितता बरतने का आरोप है।
यह कार्रवाई कर्तव्य पालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस अधीक्षक को रामबहादुर शर्मा के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने थाना में जब्त दो वाहनों को नियमों के विरुद्ध मुक्त कर दिया, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितता
मामले की जांच किशनगंज के पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) को सौंपी गई थी। जांच प्रतिवेदन में यह बात सामने आई कि छत्तरगाछ पिकेट प्रभारी द्वारा मुक्त किए गए दोनों वाहनों के कागजात का सत्यापन जिला परिवहन पदाधिकारी, किशनगंज से नहीं कराया गया था।
इसके अलावा वाहन मुक्त करने की प्रक्रिया में भी निर्धारित नियमों और विभागीय निर्देशों की अनदेखी की गई थी। जांच में यह भी संकेत मिले कि मामले में बिचौलियों की भूमिका रही और नियमों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से कार्रवाई की गई।
एसपी ने पाया दोषी, मांगा स्पष्टीकरण
जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने पु०अ०नि० रामबहादुर शर्मा को नियम उल्लंघन, संदिग्ध आचरण, कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, आदेश उल्लंघन तथा मनमानेपन का दोषी पाया।
इसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से सामान्य जीवन-यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया गया। साथ ही विभागीय जांच के तहत उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
किशनगंज पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने कहा है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिस पदाधिकारी या कर्मी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।