नवादा में बड़ी कार्रवाई: नारदीगंज थानाध्यक्ष आदित्य कुमार निलंबित, अवैध खनन मामले में जांच के आदेश
नवादा जिले में अवैध बालू खनन और एएसआई पर हमले के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नवादा के एसपी अभिनव धीमान ने नारदीगंज थानाध्यक्ष आदित्य कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। थानाध्यक्ष पर मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों का पालन नहीं करने, कार्य में लापरवाही बरतने और अवैध खनन पर रोक लगाने में विफल रहने के आरोप लगाए गए हैं। इसके साथ ही एसपी ने थानाध्यक्ष की अवैध खनन में संलिप्तता की भी जांच कराने का आदेश दिया है।
इस पूरे मामले की जांच नवादा सदर एसडीपीओ-02 को सौंपी गई है। एसपी ने निर्देश दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। वहीं, नारदीगंज थाना का प्रभार फिलहाल अपर थानाध्यक्ष एसआई अभिषेक कुमार को सौंप दिया गया है।
घटनास्थल पर पहुंचे थे आईजी और एसपी
निलंबन की कार्रवाई से पहले मगध रेंज के आईजी विकास वैभव और नवादा एसपी अभिनव धीमान ने गुरुवार शाम नारदीगंज थाना और घटनास्थल का निरीक्षण किया था। दोनों अधिकारी काफी देर तक थाने में रुके और मामले से जुड़े पहलुओं की गहन समीक्षा की। अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर अवैध बालू खनन और एएसआई पर हमले से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली।
एएसआई पर ट्रैक्टर चढ़ाने का मामला
दरअसल, यह पूरा मामला नारदीगंज थाना में पदस्थापित एएसआई नागेंद्र कुमार पर बालू माफियाओं द्वारा ट्रैक्टर चढ़ाने की घटना से जुड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, एएसआई नागेंद्र कुमार को अवैध बालू खनन की सूचना मिली थी। इसके बाद वे बुधवार शाम मधुवन इलाके की ओर कार्रवाई के लिए जा रहे थे। इसी दौरान कैशौरिया-पथरा मार्ग के पास ट्रैक्टरों को रोकने की कोशिश की गई, तभी एक चालक ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया।
इस घटना में एएसआई नागेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया, बाद में बेहतर उपचार के लिए पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
59 लोगों पर मामला दर्ज
घटना के बाद नारदीगंज थाने में 14 मई को कांड संख्या-158/26 दर्ज किया गया। इस मामले में कुल 59 आरोपितों को नामजद किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार को 28 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें 19 महिलाएं और 9 पुरुष शामिल थे।
इनमें से 27 आरोपितों को शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं, एक आरोपित की तबीयत खराब होने के कारण उसे फिलहाल जेल नहीं भेजा जा सका है और उसका इलाज कराया जा रहा है।
अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध बालू खनन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध खनन और इससे जुड़े माफियाओं के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। साथ ही इस मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।