मुजफ्फरपुर में शादी के 16वें दिन लुटेरी दुल्हन फरार: नकदी और लाखों के गहने लेकर हुई गायब, पति बोला- रात में साथ सोई थी
मुजफ्फरपुर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के महज 16 दिन बाद ही दुल्हन नकदी और लाखों रुपये के जेवरात लेकर फरार हो गई। घटना गायघाट थाना क्षेत्र के लोमा गांव वार्ड संख्या-1 की बताई जा रही है। इस वारदात के बाद पीड़ित परिवार सदमे में है, जबकि गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार, लोमा गांव निवासी रामबाबू मांझी के बेटे धर्मेंद्र कुमार की शादी 25 अप्रैल को पियर थाना क्षेत्र की एक युवती से हुई थी। शादी के बाद परिवार में सबकुछ सामान्य चल रहा था। नई दुल्हन घर के लोगों के साथ घुल-मिल गई थी, जिससे किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
परिजनों के मुताबिक, शादी के 16वें दिन रात में धर्मेंद्र कुमार अपनी पत्नी के साथ कमरे में सोया था। सुबह जब उसकी नींद खुली तो पत्नी बिस्तर पर नहीं थी। शुरुआत में परिवार वालों ने सोचा कि वह घर के किसी काम से बाहर गई होगी, लेकिन काफी देर तक खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला।
इसके बाद जब घर में रखे सामान की जांच की गई तो परिवार के होश उड़ गए। घर के बक्से और अलमारी से 72 हजार रुपए नकद और लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने गायब थे। तब परिवार को एहसास हुआ कि वे किसी लुटेरी दुल्हन गिरोह का शिकार हो गए हैं।
पीड़ित पति धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी रात में उसके साथ ही सोई थी। सुबह उठने पर वह गायब मिली। इसके बाद आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के यहां भी तलाश की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने गायघाट थाना में शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। हालांकि, गायघाट थानाध्यक्ष का कहना है कि मामला मीडिया के जरिए संज्ञान में आया है और फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करेगी।
इस घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। लोग हैरान हैं कि कोई दुल्हन महज 16 दिनों के भीतर शादी का भरोसा तोड़कर इस तरह की वारदात को अंजाम दे सकती है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने पूरी ईमानदारी से शादी की थी, लेकिन अब उनकी गाढ़ी कमाई और कीमती गहने सब कुछ चला गया।
ऐसे काम करता है लुटेरी दुल्हन गैंग
जानकारों के मुताबिक, लुटेरी दुल्हन गैंग एक संगठित गिरोह की तरह काम करता है। इस गिरोह में दलाल और बिचौलिए शामिल होते हैं, जो ऐसे परिवारों को निशाना बनाते हैं जिनके लड़कों की शादी में परेशानी हो रही होती है।
गिरोह फर्जी पहचान और नकली दस्तावेजों के जरिए रिश्ता तय कराता है। लड़की के परिवार के रूप में गिरोह के सदस्य ही सामने आते हैं और भरोसा जीतने के लिए वीडियो कॉल या मुलाकात भी कराते हैं। शादी के बाद कुछ दिनों तक दुल्हन सामान्य व्यवहार करती है और मौका मिलते ही नकदी व जेवर लेकर फरार हो जाती है।
कई मामलों में गिरोह दूल्हे के परिवार से शादी के नाम पर मोटी रकम भी ऐंठ लेता है। अगर कोई विरोध करता है तो झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी जाती है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच की तैयारी में जुटी है। वहीं, इस घटना ने लोगों को सतर्क रहने और शादी से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने की सीख भी दी है।