भागलपुर। शाहकुंड थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अनिल कुमार साह पर यौन शोषण का आरोप लगने वाला मामला अब नया मोड़ ले चुका है। दरअसल, पति के विरुद्ध थाने में की गई शिकायत के दौरान महिला के अंगूठे के निशान वाले कागजात पर ही आरोप वाला आवेदन टाइप कराया गया था।इस आवेदन को इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया गया और मामला एसएसपी तक पहुँच गया।
वीडियो जांच में खुलासा
जब वायरल वीडियो की जांच की गई तो महिला से मोबाइल पर हुई बातचीत की बात सत्य पाई गई। इसके आधार पर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने थानाध्यक्ष अनिल कुमार साह को 18 मई 2026 की देर रात निलंबन की अनुशंसा आईजी से कर दी। आईजी ने अनुशंसा के आधार पर तुरंत उन्हें निलंबित भी कर दिया।
महिला ने आरोप खारिज किया
जांच के दौरान पुलिस टीम ने महिला से पूछताछ की, जिसमें महिला ने स्पष्ट किया कि उसे आवेदन की कोई जानकारी नहीं थी और उसके साथ यौन शोषण नहीं हुआ। हां, महिला और थानाध्यक्ष के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी, जो सामान्य थी।
मुखिया ने कराया आवेदन टाइप
जांच में यह भी पता चला कि एक मुखिया ने महिला से अंगूठे का निशान लेकर आवेदन टाइप करा दिया था। इसमें थानाध्यक्ष पर यौन शोषण का आरोप लगाया गया था, जिसे महिला ने बाद में पूरी तरह खारिज कर दिया।
निलंबन कार्रवाई पूरी
एसएसपी और आईजी विवेक कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और थानाध्यक्ष अनिल कुमार साह के निलंबन की प्रक्रिया पूरी कर दी। अब यह स्पष्ट है कि महिला पर आरोप झूठा था और उसे लेकर किये गए आवेदन में साजिश शामिल थी।
साजिश करने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई
एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि इस साजिश में शामिल मुखिया ने महिला के अंगूठे के निशान से आवेदन टाइप कराया और उसे वायरल किया। इस मामले में जो भी अन्य लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।