1. अररिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 193 ग्राम स्मैक और 44,600 रुपये नकद बरामद।
2. छापेमारी के दौरान एक तस्कर गिरफ्तार, मुख्य आरोपी राहुल यादव फरार।
3. पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक तराजू, मोबाइल और बाइक भी की जब्त।
अररिया पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए पलासी थाना क्षेत्र के पोठिया गांव से 193 ग्राम गीला स्मैक और 44,600 रुपये नकद बरामद किए हैं। इस दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य तस्कर मौके से फरार हो गया।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिलेभर में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पलासी थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पोठिया गांव निवासी राहुल यादव अपने घर से स्मैक की बिक्री कर रहा है।
सूचना में यह भी बताया गया था कि बरहट क्षेत्र से मोहम्मद अफाक समेत कुछ लोग स्मैक खरीदने वहां पहुंचे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया और पुलिस टीम ने राहुल यादव के घर की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की।
घर से 12 पोटलों में मिली स्मैक
पुलिस के पहुंचते ही मुख्य आरोपी राहुल यादव घर के पिछले दरवाजे से फरार हो गया। हालांकि मौके से मोहम्मद अफाक नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया।
घर की तलाशी के दौरान पुलिस ने बिस्तर पर रखे 12 प्लास्टिक पोटलों से कुल 193 ग्राम गीला स्मैक बरामद किया। इसके अलावा नशीले पदार्थों की बिक्री से प्राप्त 44,600 रुपये नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक सैमसंग मोबाइल फोन, पैकिंग में इस्तेमाल होने वाले चाकू-कैंची और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद अफाक (35 वर्ष) के रूप में हुई है। वह मोहम्मद अक्लीम का पुत्र और बरहट वार्ड संख्या-03, थाना पलासी, जिला अररिया का निवासी बताया गया है। इस मामले में पलासी थाना में कांड संख्या 227/2026 दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी
पुलिस ने बताया कि फरार मुख्य आरोपी राहुल कुमार यादव की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि जिले से नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।
स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि वे नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी किसी भी सूचना को तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं। पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई न केवल नशे के नेटवर्क को तोड़ने में मदद करेगी, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने की दिशा में भी अहम कदम साबित होगी।