अररिया: जोगबनी में भारत नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों ने सोमवार को एक चीनी नागरिक को बिना किसी वैध कागजात के भारतीय सीमा में प्रवेश करने पर उसे हिरासत में लिया। जोगबनी बॉर्डर पार करने के बाद एसएसबी के जवानों ने उसे स्कूटी पर सवार संदिग्ध हालत में देखा।
जिसके बाद एसएसबी के जवानों ने उनसे पूछताछ की तो वह चीन का नागरिक निकला। 41 वर्षीय चीनी नागरिक स्कूटी से विराटनगर से जोगबनी के रास्ते भारतीय सीमा क्षेत्र में प्रवेश किया था। जिसे सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों के द्वारा डिटेन किया गया है।
चीन का रहने वाला व्यक्ति
चीन के हूनान के रहने वाले 41 वर्षीय चीनी नागरिक झोउ ह्यून से एसएसबी के साथ खुफिया विभाग के अधिकारी और पुलिस पूछताछ कर रहे हैं। इससे पहले चीनी नागरिक का फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल में मेडिकल चेकअप के लिए लाया गया, जहां उनका स्वास्थ्य जांच कराया गया। इधर प्राप्त जानकारी के अनुसार हिरासत में लिया गया चीन के नागरिक झोउ ह्यून के पिछले दो साल से सीमा पार नेपाल के विराटनगर में रहने की जानकारी मिली है। चीन की कई गतिविधियों को अपने साथियों के साथ नेपाल में संचालित करने की बात बताई जा रही है। नेपाल के विराटनगर, झुमका, धरान आदि शहरों में इनकी गतिविधि पाई गई थी।

क्या कहते हैं जानकार?
कई जानकारों का कहना है कद काठी से नेपाली नागरिक दिखने के कारण ऐसे कई संदिग्ध नेपाल में हैं, जो सीमा पार रहकर भारतीय क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखता है। उल्लेखनीय हो कि भारत नेपाल के बीच पारगमन संधि के तहत जोगबनी और रक्सौल बिहार का दो ऐसा खुला बॉर्डर है। जिस रास्ते से तीसरे देश से आयातित समान भारतीय बंदरगाह से नेपाल भेजे जाते हैं। जोगबनी में इससे पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हत्याकांड के मुख्य आरोपी बेअंत सिंह, सात अफगानी नागरिक,ऑस्ट्रेलियन नागरिक, किरगिस्तान, कजाकिस्तान, जापान सहित कई देशों के नागरिकों को संदिग्ध हालत में गिरफ्तारी हो चुकी है।

पूर्व में पकड़े गए घुसपैठी
इसके अलावे कंधार विमान अपहरण कांड में भी अपहरणकर्ताओं के द्वारा जोगबनी बॉर्डर होकर ही नेपाल में प्रवेश करने ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के कार्यशैली को लेकर प्रश्न खड़ा किया था। फिलहाल चीनी नागरिक को हिरासत में लेकर सेंट्रल और स्टेट की खुफिया एजेंसी के साथ एसएसबी के अधिकारी, पुलिस आदि पूछताछ कर रहे हैं और पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नेपाल से भारतीय क्षेत्र में बिना किसी वैध दस्तावेज के आगमन खुफिया जानकारी इकट्ठा करना तो नहीं था। बहरहाल इस मामले में कोई भी अधिकारी फिलहाल कुछ भी कहने से बच रहे हैं और चीनी नागरिक से पूछताछ की जा रही है।