राजगीर। Bihar News: बिहार पुलिस एकेडमी राजगीर के सभी 19 महिला पुरुष पास आउट प्रशिक्षु डीएसपी के उपलब्धि पर मंगलवार की सुबह, परेड ग्राउंड में उनके अभिभावकों और परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और मित्रों के लिए जश्न का माहौल रहा।
इस दौरान सबसे अधिक उन बेटियों के लिए तालियां बज रही थीं, जिन्होंने अपनी मेहनत और काबिलियत के बल पर इस सफलता के लिए स्वयं को बेहतर साबित किया और इस मुकाम को हासिल किया।
69वीं बैच के कुल 19 में से 05 महिला तो 14 पुरुष परिविक्ष्यमान पुलिस उपाधीक्षकों में अभिषेक कुमार, अभिषेक राज, आनद कुमार, अंकित कुमार, अंकित कुमार रंजन, अनुराग कुमार, भावना कुमारी, मोनिका कुमारी शामिल हैं।
इनके अलावा नवनीत आनंद, पवन कुमार, प्रीति कुमारी, पूजा कुमारी, राजन भारती, संदीप कुमार सिंह, सर्वेश कुमार, शिवम तिवारी, सुधा राज, उज्ज्वल कुमार उपकार तथा विक्रमजीत सिंह भी शामिल रहे।
इन सभी ने इस सफलता को अपने अभिभावकों तथा ईष्ट गुरु को समर्पित किया। किसी ने अपने जज्बे और मेहनत को तरजीह दी। इस उद्गार को उन्होंने जागरण से हुई विशेष बातचीत में प्रकट किया। प्रस्तुत हैं उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश।
सुधा राज, औरंगाबाद- पुलिस के वर्दी का महत्व क्या है। इसे हासिल करने वाला ही जान सकता है। हम महिला अधिकारियों का मानना है कि वर्दी सिर्फ एक कपड़ा नहीं। बल्कि आम जनता के विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है।

प्रीति, सिवान- कॅरियर में पुलिस को चुनना यानि चुनौती को चुनने के बराबर है। राष्ट्र, समाज और परिवार के लिए एक नया सौहार्द्रपूर्ण व शांतिपूर्ण माहौल का निर्माण करना हमारी उन चुनौतियों की प्राथमिकता में शामिल होगा।

पूजा कुमारी, मुंगेर- न्याय और सुरक्षा में सबसे पिछड़ा असहाय महिला और गरीब परिवार के सदस्य होते हैं। इसके मद्देनजर हमारी प्राथमिकता में इन वर्गों की रक्षा के लिए अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और आम नागरिकों को न्याय दिलाना होगा।

मोनिका कुमारी, सिवान- पुलिस बल में महिलाओं की कम संख्या और समाज में बदलाव लाने की चाहत ने मुझे इस कठिन परीक्षा और ट्रेनिंग तक लेकर आई। और जब उस लायक बनी हूं, तो बदलाव भी लाने की कोशिश करूंगी।

नवनीत आनंद- मौसम की तरह बदलते वर्तमान परिदृश्य में आपसी सहयोग, सौहार्द्र और भाईचारा सबसे अहम चुनौती बनकर उभर रही है। सामाजिक सारोकार के साथ कानून व्यवस्था को लागू करना हमारी प्राथमिकता में होगा।

अभिषेक कुमार, मोतिहारी- प्रशिक्षण में घुड़सवारी, हथियारों का अभ्यास, विऊ ऑपरेशन, तैराकी और कानून की पढ़ाई के साथ मानसिक और शारीरिक रूप से मिली मजबूती की उर्जा को समाज और कानून की रक्षा में खर्च करूंगा।

उज्जवल कुमार उपकार, सीतामढ़ी- पुलिस की खाकी रंग की वर्दी हमें अपने वतन की मिट्टी से जुड़े रहकर काम करना सिखाती है। इसलिए हम अपनी जन्मभूमि और कानून की रक्षा को तत्परता से निर्वहन करूंगा।


दीक्षांत समारोह को संबोधित करते पुलिस महानिदेशक विनय कुमार।

परेड ग्राउंड में परेड का निरीक्षण करते पुलिस महानिदेशक विनय कुमार।

पासिंग आउट परेड के दौरान पुलिस महानिदेशक के मंच से गुजरते परिविक्ष्यमान डीएसपी का दल।

राष्ट्र गान के दौरान सैल्यूट करते ऑडिटोरियम में खड़े पुलिस एकेडमी के जवान।