बिहार के औरंगाबाद जिले के ओबरा थाना क्षेत्र से अगवा किए गए 4 वर्षीय मासूम आदविक पराशर को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। मामले में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है। बच्चे की बरामदगी के लिए गठित विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने लगातार कई जिलों और रेलवे स्टेशनों पर जांच करते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
जानकारी के अनुसार, आदविक पराशर (4 वर्ष), पिता सुधीर प्रसाद, निवासी सूर्य मंदिर रोड, ओबरा, देवी मंदिर परिसर से अचानक लापता हो गया था। अपहरण की सूचना मिलते ही बिहार पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ओबरा थाना कांड संख्या 192/2026 दिनांक 16 मई 2026 के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।
CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस अधीक्षक, औरंगाबाद को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आसपास के इलाकों में लगे CCTV फुटेज खंगाले गए और तकनीकी जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि एक अज्ञात महिला बच्चे को लेकर अनुग्रह नारायण रेलवे स्टेशन से ट्रेन के जरिए कहीं जा रही है। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, दाउदनगर के नेतृत्व में एक विशेष SIT टीम का गठन किया गया।
गया से लेकर आसनसोल तक खंगाले गए फुटेज
SIT के अलावा पुलिस अधीक्षक द्वारा 15 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीमों ने गया, कोडरमा, गोमो, धनबाद और आसनसोल समेत कई रेलवे स्टेशनों पर पहुंचकर CCTV फुटेज की जांच की।
जांच के दौरान गया जंक्शन रेलवे स्टेशन पर महिला के साथ बच्चा दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस टीम ने महिला की गतिविधियों का पीछा किया। फुटेज में देखा गया कि महिला डेल्हा बस स्टैंड पर टोटो से उतरकर खरखूरा रोड की ओर जा रही है।
किराए के कमरे से मिला मासूम
आगे की जांच में पता चला कि महिला खरखूरा रोड स्थित गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के पास राकेश कुमार नामक व्यक्ति के घर में दाखिल हुई थी। इसके बाद गया और औरंगाबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने घर की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान पुलिस ने महिला और अगवा किए गए बच्चे को खरखूरा रोड स्थित किराए के कमरे से बरामद कर लिया। बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित पाया गया।
गिरफ्तार महिला से पूछताछ जारी
गिरफ्तार महिला की पहचान रंजू देवी (40 वर्ष), पति रविंद्र पासवान, निवासी दुल्हाबिगहा, थाना कोच, वर्तमान पता डेल्हा खरखूरा रोड, गया के रूप में हुई है।
पुलिस ने महिला को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है कि क्या वह अन्य अपहरण मामलों में भी शामिल रही है। वहीं मासूम आदविक को सकुशल उसके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।