पूर्णिया में मार्मिक घटना: 20 मिनट के अंतराल में वृद्ध दंपति की मौत, पति के निधन का सदमा नहीं सह पाईं पत्नी
अंतिम दर्शन करते ही पत्नी ने भी तोड़ा दम, गांव में पसरा मातम
पूर्णिया जिले के श्रीनगर प्रखंड अंतर्गत गढ़िया बलवा पंचायत के राजवाड़ा गढ़िया विष्णुपुर गांव से एक बेहद भावुक और मार्मिक घटना सामने आई है। यहां एक वृद्ध दंपति का महज 20 मिनट के अंतराल में निधन हो गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक और गम का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 80 वर्षीय वेदानंद यादव का अचानक निधन हो गया। परिवार के लोग अभी इस दुख से उबर भी नहीं पाए थे कि उनकी 75 वर्षीय पत्नी मनोरमा देवी ने भी कुछ ही मिनटों बाद अंतिम सांस ले ली।
पति के निधन का सदमा नहीं सह पाईं पत्नी
परिजनों ने बताया कि वेदानंद यादव के निधन की सूचना मिलते ही उनकी पत्नी मनोरमा देवी उन्हें देखने पहुंचीं। पति के अंतिम दर्शन करते ही वह गहरे सदमे में चली गईं। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और करीब 20 मिनट के भीतर उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
इस हृदयविदारक घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह भावुक हो उठा।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भीड़
मृतक वेदानंद यादव गढ़िया बलवा पंचायत के पूर्व मुखिया राम यादव के बड़े भाई थे। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचने लगे।
सैकड़ों ग्रामीणों ने दोनों के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की। गांव में पूरे दिन शोक का माहौल बना रहा।
जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
पूर्व मुखिया राम यादव और श्रीनगर प्रखंड के पूर्व प्रमुख पति बृजकिशोर यादव उर्फ मंटू यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बड़े भाई और भाभी का इस तरह एक साथ निधन होना परिवार और समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।
उन्होंने कहा कि दोनों का जीवन आपसी प्रेम, स्नेह और पारिवारिक मूल्यों का उदाहरण था।
ग्रामीण बोले- दोनों के बीच था अटूट प्रेम
ग्रामीणों ने बताया कि वेदानंद यादव और मनोरमा देवी के बीच गहरा प्रेम और आत्मीय संबंध था। दोनों हमेशा एक-दूसरे के सुख-दुख के साथी रहे। गांव के लोगों का कहना है कि पति के वियोग को पत्नी सहन नहीं कर सकीं और उन्होंने भी अपने जीवन की डोर छोड़ दी।
दंपति अपने पीछे एक पुत्र मिथलेश कुमार यादव, दो पुत्रियों समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है और लोग इसे सच्चे प्रेम और जीवनसाथी के अटूट रिश्ते का उदाहरण बता रहे हैं।